Last Updated: November 7, 2026

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तंग श्याओ फिंग की 120वीं जयंती पर विशेष: सुधार व खुलेपन नीति के जनक

August 23, 2024

तंग श्याओ फिंग की 120वीं जयंती पर विशेष: सुधार व खुलेपन नीति के जनक

22 अगस्त 2024 को, हम पूर्व चीनी नेता तंग श्याओ फिंग की 120वीं जयंती मना रहे हैं, जिनकी सुधार व खुलेपन नीति ने चीन को वैश्विक अर्थव्यवस्था का जनक बना दिया है। तंग की नीति का उद्देश्य था देश की आर्थिक स्थिति को स्थिर और मजबूत किया जाये, जिसमें 1978 से अब तक के सुधार और विकास का बड़ा योगदान रहा है।

सुधार व खुलेपन नीति: वर्ष 1978 में आयोजित चीनी कंम्यूलिस्ट पार्टी की 11वीं केन्द्रीय कमेटी के तीसरे पूर्णाधिवेशन में चीन के समाजवादी आधुनिकीकरण के लिए सुधार व खुलेपन की नीति पेश की गई। इस में तंग श्याओ फिंग का महत्वपूर्ण योगदान था। इस नीति का उद्देश्य था चीन की समाजवादी अर्थव्यवस्था को अधिक बाज़ार-उन्मुख बनाना और विदेशी निवेश को प्रोत्साहित करना। तंग का मानना था कि केवल समाजवाद के कठोर रूप से चीन का विकास संभव नहीं है, और इसलिए उन्होंने चीन के दरवाजे बाहरी दुनिया के लिए खोलने का साहसिक निर्णय लिया।

इसके द्वारा चीन ने आर्थिक सुधारों के तहत बड़ी उपलब्धियां हासिल की जैसे चीन का तेजी से आर्थिक विकास, 1978 से पहले चीन की अर्थव्यवस्था ठहराव में थी। तंग की नीतियों के तहत, चीन ने ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि सुधारों की शुरुआत की और कृषि उत्पादन को निजी हाथों में स्थानांतरित किया, जिससे किसानों को अधिक उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया गया। इससे देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भारी सुधार हुआ और गरीबी में कमी आई।

सुधार और खुलेपन नीति के बाद, चीन ने भारी उद्योग और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में तेजी से निवेश किया। इसके परिणामस्वरूप चीन दुनिया का “फैक्ट्री हब” बन गया। तंग की नीतियों के तहत चीन में सैकड़ों स्पेशल इकोनॉमिक जोन (SEZ) स्थापित किए गए, जिससे विदेशी निवेश में अभूतपूर्व वृद्धि हुई।

तंग श्याओ फिंग की नीति के तहत चीन का अंतर्राष्ट्रीय व्यापार भी तेजी से बढ़ा। चीन ने विदेशी निवेश को आकर्षित किया और खुद भी निर्यात के क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल की। वर्ष 2013 में चीन दुनिया का सबसे बड़ा निर्यातक देश बन चुका है।

तंग की नीतियों ने न केवल आर्थिक विकास किया, बल्कि आम चीनी नागरिकों के जीवन स्तर में भी सुधार किया। गरीबी दर में भारी गिरावट आई, स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर हुईं, और शिक्षा का प्रसार हुआ। चीन ने एक मजबूत मध्यवर्ग का निर्माण किया है, जो विश्व की सबसे बड़ी उपभोक्ता अर्थव्यवस्थाओं में से एक बन गया है।

तंग श्याओ फिंग की सुधार और खुलेपन नीतियों ने चीन को आर्थिक और सामाजिक रूप से समृद्ध बनाया है। चीन ने सुधार और खिलेपन नीति के तहत जो अद्वितीय प्रगति की है, वह तंग की दूरदर्शिता और नेतृत्व के कारण ही संभव हो पाई। उनके प्रयासों ने चीन को वैश्विक शक्ति बनाया और लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है।

जब चीन ने बाजार-उन्मुख सुधारों को अपनाना शुरू किया था, तब भी कमांड अर्थव्यवस्था या नियोजित अर्थव्यवस्था को समाजवादी चीन की पहचान माना जाता था। 1980 के दशक के दौरान, चीन ने “वस्तु अर्थव्यवस्था” या “बाज़ार अर्थव्यवस्था” को नियोजित अर्थव्यवस्था के पूरक के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया। इतिहास ने साबित कर दिया है कि तंग ने चीन को वैचारिक बंधनों से मुक्त करने का सही निर्णय लिया।

तंग श्याओ फिंग की 120वीं जयंती पर, हम उनकी दूरदर्शिता और सुधारवादी नीतियों का सम्मान करते हैं, जिन्होंने चीन को आज का मजबूत और समृद्ध राष्ट्र बनाया है। उनके द्वारा आरंभ की गई नीतियाँ न केवल चीनी अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण थीं, बल्कि यह विश्व अर्थव्यवस्था के लिए भी एक महत्वपूर्ण उदाहरण बनकर उभरीं।

(रिपोर्टर—देवेंद्र सिंह)

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