कराची : पाकिस्तान में एक बड़ा आतंकी हमला हुआ है, जहां पर बलूचिस्तान के मूसाखेल जिले में पंजाब के कम से कम 23 लोगों काे आतंकियों ने गाेली मारकर बेहरमी से हत्या कर दी हैं। इस बात की जानकारी सोमवार को मीडिया रिपोर्ट में दी गई। एक रिपोर्ट के अनुसार सहायक आयुक्त मुसाखेल नजीब काकर के अनुसार, हथियारबंद लोगों ने मूसाखेल के राराशाम जिले में अंतर-प्रांतीय राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया और यात्रियों को बसों से उतार दिया।
मृतकों की पहचान पंजाब प्रांत के निवासी के रूप में की गई है। उन्होंने बताया कि हथियारबंद लोगों ने 10 वाहनों में आग भी लगा दी हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शवों को अस्पताल ले जाना शुरू कर दिया। बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने आतंकवाद की इस घटना की कड़ी निंदा की हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, बंदूकधारियों ने बसों, वाहनों और ट्रकों से यात्रियों की पहचान करने के बाद उन्हें गोली मारी हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अयूब अचकजई ने बताया कि हत्याएं बलूचिस्तान प्रांत के एक जिले मुसाखाइल में रात में हुईं।
The 23 innocent men, women, and children— all Shaheed Pakistanis— were brutally killed while traveling on the road by the BLA. This is a completely horrific and tragic incident. 💔#Balochistan https://t.co/2Eedsla0GW pic.twitter.com/KpH7tnSFJK
— Ghulam Abbas Shah (@ghulamabbasshah) August 26, 2024
राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने अलग-अलग बयानों में मुसाखाइल में हुए हमले को “बर्बर” बताया और कसम खाई कि इसके पीछे जो लोग हैं, वे न्याय से बच नहीं पाएंगे। इसके अलावा नकवी ने कलात में हुई हत्याओं की भी निंदा की हैं।
पुलिस ने बताया कि एक अन्य आतंकवादी हमले में बोलन के डोजन इलाके में एक रेलवे पुल को बम से उड़ा दिया गया। बलूचिस्तान, पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है लेकिन अन्य प्रांतों से अधिक संसाधन होने के बावजूद यह सबसे कम विकसित है।बीएलए और अन्य बलूच अलगाववादियों ने क्षेत्र में काम कर रहे पाकिस्तान के पंजाब और सिंध प्रांत के लोगों पर हमले तेज कर दिए हैं।
मूसाखेल में हमले से करीब चार महीने पहले पंजाब के लोगों को निशाना बनाते हुए ऐसा ही हमला किया गया था। अप्रैल में नोश्की के समीप एक बस से 9 यात्रियों को उतारा गया था और बंदूकधारियों ने उनके पहचान पत्र देखने के बाद उन्हें मौत के घाट उतार दिया था। पिछले साल अक्टूबर में अज्ञत बंदूकधारियों ने बलूचिस्तान में केच जिले के तुरबत में पंजाब के छह श्रमिकों की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
ऐसी ही एक घटना 2015 में भी हुई थी जब बंदूकधारियों ने तुरबत के समीप एक श्रमिक शिविर पर हमला कर 20 लोगों की हत्या कर दी थी। पाकिस्तान संघर्ष और सुरक्षा अध्ययन संस्थान के अनुसार, बलूचिस्तान में पिछले साल 170 आतंकवादी हमले हुए थे जिनमें 151 नागरिकों और 114 सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई थी।
मेष: दिन शुभ रहेगा...