
Government New Strict Rules : आजकल देश में साइबर क्राइम में मामले लगातार बढ़ते जा रहें है। कोई दिन ऐसा नहीं निकलता जब हमें कोई फर्जी कॉल या मैसेज नहीं आता। हर कोई इस फर्जी मोबाइल कॉल और एसएमएस से परेशान है। सरकार इस मुद्दे पर कुछ ऐसे सख्त नियम लाने जा रही है, जिससे यूजर्स को इस समस्या से राहत मिलेगी।
भारतीय दूरसंचार कंपनी के चेयरमैन अनिल कुमार लाहोटी ने बताया कि साइबर अपराधियों के फर्जी कॉल और मैसेज पर लगाम लगाने के लिए परामर्श पत्र पर व्यापक चर्चा के बाद जनवरी तक नियमों को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। इसके साथ उन्होनें कहा कि दूरसंचार विभाग के हालिया संदर्भ के आधार पर ट्राई टेलीमार्केटिंग कंपनियों के लिए नियामक ढांचे से जुड़ा परामर्श पत्र भी तैयार कर जारी करेगा।
दूरसंचार नियामक के प्रमुख ने कहा कि फर्जी स्पैम कॉल और दुर्भावनापूर्ण/धोखाधड़ी वाले संदेशों से निपटने के लिए पिछले महीनों में नियामक द्वारा उठाए गए कदम महत्वपूर्ण हैं और इससे सिस्टम साफ-सुथरा बनेगा। लेकिन उन्होंने कहा कि ‘अभी और काम करने की जरूरत है।’
स्पैम कॉल और संदेशों पर हमारा परामर्श पत्र अगस्त के अंत में जारी किया गया था। हमें इस पर पहले ही टिप्पणियाँ मिल चुकी हैं और अब हम उनका विश्लेषण करेंगे और खुली चर्चा करेंगे। नियमों को अंतिम रूप देने में लगभग तीन महीने लगेंगे।
इसलिए जनवरी के आसपास हम स्पैम पर लगाम लगाने के लिए अद्यतन नियम लेकर आएंगे। नियामक ने कहा कि प्रतिदिन 50 से अधिक कॉल करने वाले या 50 एसएमएस भेजने वाले दूरसंचार ग्राहकों को संभावित उपद्रवी कॉल करने वालों के रूप में गिना जाना चाहिए। ट्राई ने अगस्त में एक परामर्श पत्र जारी किया था जिसमें हितधारकों से पूछा गया था कि क्या एक निश्चित सीमा से अधिक कॉल और एसएमएस के लिए उच्च शुल्क का प्रावधान किया जा सकता है।
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