Last Updated: November 5, 2026

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Jhansi hospital Fire : अस्पताल में लगी भीषण आग, 10 नवजात शिशुओं की मौत, 35 से अधिक बचाए गए, मृतक बच्चों के परिजनो को दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा

November 16, 2024

Jhansi hospital Fire : अस्पताल में लगी भीषण आग, 10 नवजात शिशुओं की मौत, 35 से अधिक बचाए गए, मृतक बच्चों के परिजनो को दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा

Jhansi hospital Fire : उत्तर प्रदेश के झांसी में महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (NICU) में शुक्रवार देर रात लगी भीषण आग में कम से कम 10 नवजात शिशुओं की जलने और दम घुटने से मौत हो गई। शनिवार सुबह झांसी पहुंचे उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि वार्ड में कुल 49 बच्चे थे, जिसकी क्षमता केवल 18 बिस्तरों की है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने झांसी जिले के मेडिकल कॉलेज में बच्चों के वार्ड में आग लगने की घटना में शिशुओं की मौत होने पर शोक व्यक्त किया और प्रत्येक मृतक के परिजन को दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने प्रधानमंत्री मोदी के हवाले से सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘हृदयविदारक! उत्तर प्रदेश में झांसी के मेडिकल कॉलेज में आग लगने से हुआ हादसा मन को व्यथित करने वाला है। इसमें जिन्होंने अपने मासूम बच्चों को खो दिया है, उनके प्रति मेरी गहरी शोक-संवेदनाएं हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि उन्हें इस अपार दुख को सहने की शक्ति प्रदान करे। राज्य सरकार की देखरेख में स्थानीय प्रशासन राहत और बचाव के हरसंभव प्रयास में जुटा है।’’

कार्यालय ने एक अन्य ‘पोस्ट’ के जरिए बताया कि प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश के झांसी मेडिकल कॉलेज में आग लगने की घटना में मारे गए प्रत्येक बच्चे के परिजन को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि घायलों को पचास-पचास हजार रुपये दिए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि सात बच्चों के शवों की पहचान कर ली गई है, जबकि तीन की पहचान नहीं हो पाई है। बृजेश पाठक ने कहा कि उनकी पहचान करने और उनके परिजनों तक पहुंचने के प्रयास जारी हैं। पाठक ने कहा कि आग में घायल हुए 17 अन्य बच्चों का वर्तमान में मेडिकल कॉलेज के आपातकालीन विंग और विभिन्न निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है, जिनमें से सात को निजी सुविधाओं में भर्ती कराया गया है।

कानपुर जोन के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक आलोक सिंह ने पहले कहा था कि घटना के समय वार्ड में 47 शिशु भर्ती थे, जिसमें 10 नवजात शिशुओं की मौत हो गई और 37 को बचा लिया गया।

इस त्रासदी पर दुख व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने झांसी मंडल आयुक्त और पुलिस उप महानिरीक्षक झांसी को घटना की जांच करने का आदेश दिया है। अधिकारियों को 12 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।

“झांसी जिले में स्थित मेडिकल कॉलेज के NICU में हुई दुर्घटना में बच्चों की मौत अत्यंत दुखद और हृदय विदारक है। जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य चलाने के निर्देश दिए गए हैं।” उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की।

दमकल की गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं और अग्निशमन प्रयासों में सहायता के लिए सेना को भी बुलाया गया। अधिकारियों ने आग के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

SSP ने बताया कि, “मेडिकल कॉलेज ने बताया है कि घटना के समय 52 से 54 बच्चे भर्ती थे। उनमें से 10 की मौत हो गई है, 16 का इलाज चल रहा है जबकि अन्य की पुष्टि की जा रही है।”

आग का कारण:
झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में आग लगने का कारण बिजली का शॉर्ट-सर्किट बताया जा रहा है, जिससे पूरा वार्ड घने धुएं से भर गया। जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) अविनाश कुमार ने संवाददाताओं को बताया कि आग रात करीब 10.45 बजे NICU में लगी, जो संभवतः बिजली के शॉर्ट सर्किट के कारण लगी।

प्रत्यक्षदर्शियों ने क्या कहा:
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि रात करीब 10:45 बजे NICU से सबसे पहले धुआं निकलता देखा गया। आसपास के लोगों ने शोर मचाया तो अफरा-तफरी मच गई। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, आग की लपटें पूरे वार्ड में फैल गईं। बच्चों को बाहर निकालने के प्रयासों के बावजूद, घने धुएं और आग की लपटों ने दरवाजे को अवरुद्ध कर दिया, जिससे उन्हें समय पर बचाना असंभव हो गया। कुछ ही देर बाद दमकलकर्मी घटनास्थल पर पहुंच गए और अन्य शिशुओं को बचाने में सफल रहे।

घायल शिशुओं का क्या हुआ?
झांसी की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) सुधा सिंह ने शनिवार को पहले कहा कि इस घटना में घायल हुए 16 अन्य बच्चों का इलाज चल रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, घटना के समय NICU में 50 से अधिक बच्चे भर्ती थे। उन्होंने कहा कि उनके लिए सभी डॉक्टर उपलब्ध हैं, साथ ही पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं भी हैं।

महोबा जिले के एक दंपति ने अपने नवजात बच्चे की मौत पर शोक व्यक्त किया। मां ने संवाददाताओं को बताया कि बच्चे का जन्म 13 नवंबर को सुबह 8 बजे हुआ था।

वीडियो सामने आए:
झांसी मेडिकल कॉलेज से कथित तौर पर सामने आए दृश्यों में घबराए हुए मरीजों और उनके तीमारदारों को बाहर निकाला जा रहा है, जबकि कई पुलिसकर्मी बचाव और राहत कार्यों में मदद कर रहे हैं।

बचाव अभियान पूरा हुआ:
उन्होंने रात करीब 1 बजे बताया कि NICU में बचाव अभियान पूरा हो गया है।

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