Last Updated: October 14, 2026

Dainik Savera Times Logo

लेबनान से 880,000 से अधिक लोगों ने किया पलायन, खाद्य सुरक्षा की स्थिति दयनीय

November 22, 2024

लेबनान से 880,000 से अधिक लोगों ने किया पलायन, खाद्य सुरक्षा की स्थिति दयनीय

United Nations : लेबनान में घरों और कार्यालयों को छोड़ने के आदेश और हवाई हमलों के कारण 880,000 से अधिक लोगों को अपने घरों से पलायन करना पड़ा है, जिनमें से 5,00,000 से अधिक लोग सीरिया भाग गए हैं। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय संगठनों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। मानवीय मामलों के समन्वय के लिए संरा कार्यालय (ओसीएचए) ने कहा कि लेबनान में बचे लोगों को खाद्य पदार्थों की कमी का सामना करना पड़ रहा है।

अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन ने बताया कि देश में 880,000 से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं, जिनमें 20,000 से अधिक प्रवासी शामिल हैं, जिन्हें अपने घरों और कार्यस्थलों दोनों से भागने के लिए मजबूर होना पड़ा है। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (यूएनएचसीआर) ने बताया कि 500,000 से अधिक लोग लेबनान छोड़कर सीरिया चले गए हैं और इनमें से आधे से अधिक बच्चे थे। यूएनएचसीआर अन्य लोगों के साथ मिलकर उन्हें मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान करके विस्थापन के आघात और भावनात्मक प्रभाव से निपटने में मदद कर रहा है।

ओसीएचए ने कहा कि नागरिकों को उनके घरों में रहने या भागने के विकल्प के बावजूद संरक्षित किया जाना चाहिए।कार्यालय ने कहा कि विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) और खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) ने चेतावनी दी है कि लेबनान में खाद्य सुरक्षा की स्थिति और खराब होने की आशंका है। डब्ल्यूएफपी और एफएओ ने कहा, ‘‘सितंबर 2024 से संघर्ष में लगातार वृद्धि ने आपूर्ति श्रृंखलाओं को बुरी तरह से बाधित किया है और खाद्य असुरक्षा को गहरा किया है।

इसके कारण अब 12 लाख से अधिक लोग को प्रभावित हो रहे हैं।’’ ओसीएचए ने कहा, ‘‘लेबनान की लगभग एक चौथाई आबादी पहले से ही अपर्याप्त खाद्य उपभोग (भुखमरी) से पीड़ति है। खाद्य पदार्थों की कीमतों के उच्च बने रहने के कारण स्थिति और भी खराब होने वाली है।’’ चुनौतीपूर्ण खाद्य सुरक्षा स्थिति के मद्देनजर डब्ल्यूएफपी ने इस साल सितंबर से 65,000 से अधिक लोगों को भोजन पहुंचाने के लिए 12 काफिलों का इस्तेमाल किया, जिनमें से ज्यादातर दक्षिण और बालबेक-हर्मेल गवर्नरेट में पहुंचाए गए हैं।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें