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भारत ने हमेशा एकता और अखंडता के गहरे सत्य को किया है स्वीकार : मोहन भागवत

November 25, 2024

भारत ने हमेशा एकता और अखंडता के गहरे सत्य को किया है स्वीकार : मोहन भागवत

हैदराबाद। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि जहां दुनिया अपनी मंजिल पर विचार किए बिना आगे बढ़ रही है, वहीं भारत ने हमेशा एकता और अखंडता के गहरे सत्य पर विचार किया है। लोकमंथन भाग्यनगर 2024 में बोलते हुए, आरएसएस प्रमुख ने भारत की धर्म और जीवन के निर्माण की शाश्वत अवधारणाओं पर अपने विचार रखे। भागवत ने कार्यक्रम में कहा, ‘हमारे पूर्वज अस्तित्व की एकता की सच्चाई जानते थे, वे समझते थे कि यही सब कुछ है इसलिए विविधता है। यह कुछ समय तक चलती है, फिर केवल एकता रह जाती है। एकता शाश्वत है और विविधता में भी एकता है, अगर हम इसे तलाशने की कोशिश करें। ‘उन्होंने कहा, ‘उन लोगों को जवाब देने की कोई आवश्यकता नहीं है जिनके प्रयोग पिछले 2,000 वर्षों में विफल रहे हैं। हमारा ध्यान अपने लोगों का मार्गदर्शन करने पर होना चाहिए, जो झूठे आख्यानों में उलझे हुए हैं। वैश्विक मंच पर हम अपने पूर्व निर्धारित मापदंडों और अपने अनूठे तरीके से खेलेंगे।‘

आरएसएस प्रमुख ने लोकमंथन पहल को ग्रामीण भारत तक ले जाने का आह्वान किया तथा गांवों में छोटी-छोटी सभाएं आयोजित कर जमीनी स्तर के लोगों को जोड़ने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘हमारे मन की आवाज़ कहती है कि इस दुनिया में हम किसी के दुश्मन नहीं हैं और कोई हमारा दुश्मन नहीं है। हालांकि यह ठीक है कि कोई आक्रामक है, अगर कोई हम पर हमला करता है या हमें नुकसान पहुंचाता है, तो हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे, लेकिन हम उसका जवाब भी देंगे..लेकिन हम किसी से लड़ाई नहीं करते हैं।

‘भागवत ने पौराणिक प्रतीकों से तुलना करते हुए कहा, ‘जैसे समुद्र मंथन के दौरान हलाहल निकला था, वैसे ही चुनौतियां आएंगी। लेकिन हम उन्हें झेलने और सभी के कल्याण के लिए अमृत परोसने के लिए तैयार हैं। ‘उन्होंने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लोकमंथन भाग्यनगर 2024 के विचार-विमर्श से उनकी अपनी समझ भी बढ़ी है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए।आरएसएस हैदराबाद का नाम बदलकर भाग्यनगर करने की मांग कर रहा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी भी कई मौकों पर भाग्यनगर नाम की वकालत कर चुके हैं।

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