
इस्लामाबाद : जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के समर्थकों की मंगलवार को पुलिस से हुई झड़पों में 6 सुरक्षा कर्मी मारे गए और कई अन्य घायल हो गए। इससे पहले खान के समर्थकों ने राजधानी पहुंचने के लिए पुलिस अवरोधकों को हटा दिया और उनकी पुलिस के साथ झड़प हो गई। प्रदर्शन के हिंसक हो जाने के कारण अर्धसैनिक बल के 4 जवान और पुलिस के 2 कर्मी मारे गए तथा 100 से अधिक सुरक्षा कर्मी घायल हो गए। इस हिंसा के बाद संघीय सरकार ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में सेना तैनात करने के साथ ही उन्हें आदेश दिए गए हैं कि उपद्रवियों को देखते ही गोली मार दी जाए।
पाकिस्तान ने तनावपूर्ण स्थिति के मद्देनजर सेना को तैनात किया हुआ है और खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के समर्थकों ने इस्लामाबाद के डी-चौक स्थल की ओर जाने वाले रास्ते में लगाए गए अवरोधकों को हटा दिया। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (72) पिछले वर्ष अगस्त से जेल में हैं। उन्होंने 13 नवंबर को 24 नवंबर को देशव्यापी प्रदर्शन करने का आह्वान किया था। उन्होंने कथित तौर पर चोरी किए गए जनादेश, लोगों की गिरफ्तारी और 26वें संशोधन के पारित होने की निंदा की थी। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि प्रदर्शनकारी धरना देंगे या डी-चौक से चले जाएंगे। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के शीर्ष नेताओं ने हालांकि खान की रिहाई तक इस्लामाबाद में रहने की प्रतिबद्धता जताई है। खान की पत्नी बुशरा बीबी ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे तभी यहां से जाएं जब खान खुद आकर अगली कार्रवाई के बारे में बताएं।
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