Last Updated: October 21, 2026

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हेज़लवुड के एडिलेड में न होने से भारत के लिए राह आसान होगी: Ajay Jadeja

November 30, 2024

हेज़लवुड के एडिलेड में न होने से भारत के लिए राह आसान होगी: Ajay Jadeja

Ajay Jadeja: भारत के पूर्व कप्तान अजय जडेजा का मानना है कि ऑस्ट्रेलिया के तेज़ गेंदबाज़ जोश हेज़लवुड के 6 दिसंबर से एडिलेड ओवल में शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट से बाहर होने से रोहित शर्मा की अगुआई वाली टीम के लिए राह आसान होगी। हेज़लवुड साइड स्ट्रेन के कारण एडिलेड में खेलने से बाहर हो गए हैं, जबकि अनकैप्ड पेसर सीन एबॉट और ब्रेंडन डॉगेट को पिंक-बॉल टेस्ट के लिए टेस्ट टीम में शामिल किया गया है। पेसर ने पर्थ में पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया की भारत से 295 रन की हार में पांच विकेट लिए थे।

जब ऑस्ट्रेलिया ने आखिरी बार 2020 में एडिलेड में पिंक-बॉल टेस्ट में भारत के साथ खेला था, तब हेज़लवुड ने मुख्य रूप से विध्वंसक गेंदबाज़ी की थी, उन्होंने पांच ओवर में 5-8 की घातक गेंदबाजी की थी, जिससे भारत दूसरी पारी में 36 रन पर आउट हो गया था।

जडेजा ने नई दिल्ली में अपने मुख्यालय में फिक्की द्वारा आयोजित 14वें वैश्विक खेल शिखर सम्मेलन टर्फ 2024 के मौके पर आईएएनएस के साथ एक विशेष बातचीत में कहा,‘इसके बावजूद (हेज़लवुड ने पांच विकेट लिए), हम (पर्थ में) जीते। इसलिए वह वहां नहीं है, यह केवल आपके लिए आसान बनाता है, जब तक कि आपको कोई नया सितारा न मिल जाए, क्योंकि खेल के साथ यह एक और बात है जिसे आप हमेशा महसूस करेंगे – कि जब तक कोई व्यक्ति उस विशेष दिन मैदान पर नहीं आता है, तब तक वह अज्ञात है।‘

जडेजा ने कहा, ‘लेकिन कभी-कभी प्रतिभाशाली लोगों को भी किसी दिन शुरुआत करनी होती है, इसलिए मुझे उम्मीद है कि उन्हें कोई और प्रतिभाशाली नहीं मिलेगा, अन्यथा यह एक अच्छा संकेत है।‘ भारत के लिए, एडिलेड में शीर्ष क्रम के बदलाव कार्ड पर हैं क्योंकि कप्तान रोहित शर्मा पितृत्व अवकाश के कारण पर्थ टेस्ट से चूकने के बाद उपलब्ध हैं, जबकि शुभमन गिल ने बाएं अंगूठे की चोट से उबरने के संकेत दिए हैं।

उन्होंने कहा, ‘यह कम से कम कप्तान और कोच के लिए सिरदर्द है। कम से कम, कप्तान अंदर आता है, इसलिए यह उसका सिरदर्द है कि वह किसे बाहर रखता है, जो एक अच्छा सिरदर्द है। मेरा मतलब है कि उन लोगों की तलाश करने के बजाय जो मुझे गेम जिताने जा रहे हैं, अब आपको किसी ऐसे व्यक्ति को बाहर रखना होगा जिसने आपको गेम जिताया है। इसलिए अगर आपके पास कोई है तो यह एक अच्छा सिरदर्द है।’

भारत एडिलेड में लगभग दो साल बाद गुलाबी गेंद से टेस्ट मैच खेल रहा है। मेहमानों ने आखिरी बार मार्च 2022 में बेंगलुरु में श्रीलंका के खिलाफ गुलाबी गेंद से मैच खेला था। ‘जीवन की तरह, सब कुछ बदल रहा है। यहां सुबह 10.30 बजे हैं, उज्‍जवल और जागृत हैं और यही यह खेल हुआ करता था – कि यह एक ऐसा खेल था जिसमें आप सुबह उठते थे।‘

जडेजा ने कहा, ‘अब अचानक आपका पीक टाइम रात 11.30 बजे होना चाहिए, इसलिए यह वह चुनौती है जो उनमें से कुछ के लिए अन्य (ऑन-फील्ड) चुनौतियों के अलावा हो सकती है। लेकिन मुझे लगता है कि हमारी टीम और उनकी तैयारी हमेशा अच्छी रही है और मुझे यकीन है कि वे सभी चुनौतियों को पूरा करेंगे।’

पिछले हफ़्ते जेद्दा में आईपीएल 2025 की मेगा नीलामी में सभी दस फ्रेंचाइजियों द्वारा अफ़गानिस्तान के युवा खिलाड़ियों की मांग में भारी उछाल देखा गया। नूर अहमद (10 करोड़ रुपये), अल्लाह ग़ज़नफ़र (4.8 करोड़ रुपये), अज़मतुल्लाह उमरज़ई (2.8 करोड़ रुपये) और रहमानुल्लाह गुरबाज़ (2 करोड़ रुपये) जैसे खिलाड़ियों ने क्रमश: चेन्नई सुपर किंग्स, मुंबई इंडियंस, पंजाब किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स से मोटी तनख्वाह अजर्ति की।

जडेजा, जो 2023 पुरुष वनडे विश्व कप में अफ़गानिस्तान के मेंटर थे, जहां उन्होंने चार ग्रुप स्टेज गेम जीते, वे देश के खिलाड़ियों की प्रतिभा और कौशल को देखकर बहुत खुश थे, जिन्हें फ्रेंचाइजी द्वारा अपनी आईपीएल टीम बनाने में मान्यता दी जा रही थी।

‘‘मैं उनके साथ समय बिताने के लिए धन्य और सौभाग्यशाली हूँ। वे खिलाड़ियों का एक अद्भुत समूह हैं और मुझे लगता है कि बाज़ार की ताकतों ने इसमें भूमिका निभाई, क्योंकि नीलामी में यह बहुत स्पष्ट है कि यह बाज़ार की ताकतें हैं। इसलिए भारत में खेल को चलाने वाले लोग दुनिया के उस हिस्से के खिलाड़ियों को महत्व दे रहे हैं और यह (मेगा) नीलामी में देखा गया।’

‘‘मुझे नहीं लगता कि किसी खिलाड़ी का स्तर इस बात पर निर्भर करता है कि उसे किस तरह की कीमत पर खरीदा गया है क्योंकि नीलामी में कई गतिशीलताएं होती हैं – जैसे कि आप किस चरण में आते हैं, और कौन सी टीम के पास क्या है। लेकिन यह जानकर अच्छा लगता है कि जो टीमें या निकाय क्रिकेट को चला रहे हैं – वे 10 कॉर्पोरेट टीमें जो भारत में (आईपीएल) क्रिकेट चलाती हैं, वे इन खिलाड़ियों को महत्व दे रही हैं।’’

उन्होंने निष्कर्ष निकाला, ‘‘यह यह भी दर्शाता है कि दुनिया के उस हिस्से के अन्य सभी बच्चों का भविष्य यही है। इसलिए ये अफगानिस्तान के लीडर हैं और अगर उन्हें महत्व दिया जा रहा है – मेरा मतलब केवल नीलामी की शर्तों से नहीं है – बल्कि एक टीम में स्वीकृति के रूप में भी उन्हें मैच विजेता के रूप में देखा जाता है, तो कल्पना करें कि घर वापस आने वाले बच्चे उन्हें प्रेरणा के रूप में देखते होंगे।

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