
नयी दिल्ली: दिल्ली राज्य अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), अल्पसंख्यक आर्गनाइजेशन ने संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा संसद परिसर में मूल स्थान पर पुन: स्थापित करने की मांग की है।
आर्गनाईजेशन के मुख्य समन्वयक वीरेंद्र कुमार जाटव ने गुरुवार को यहां जारी एक बयान में कहा कि डॉ अंबेडकर की जयंती 14 अप्रैल और परिनिर्वाण दिवस छह दिसंबर को संसद में सार्वजनिक कार्यक्रम किया जाता रहा है और जनता के लिये भी संसद के द्वार खोल दिये जाते थे। अब नये फ़ैसले से दिल्ली के करीब 30 लाख अनुसूचित जाति समुदाय में बेहद नाराजगी है।
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