
Want to Become DC : मिनी सचिवालय श्री मुक्तसर साहिब में स्थित डीसी राजेश त्रिपाठी के आफिस के बाहर तैनात गेटमैन व आस पास खड़े लोग उस समय हैरान रह गए जब डीसी से मिलने के लिए कुछ समय वेट करने की बात कहने पर अपने पिता के साथ आई बच्ची ने कहा मेरे कोल टैम हैनी जल्दी मिलाओ।
यही नहीं डीसी के सामने पहुंचने पर जब महज 5 साल की बच्ची हरसीरत ने कहा कि ‘मै वी डीसी बनना ऐ‘ तो ना सिर्फ डीसी राजेश त्रिपाठी खुश होकर बोले कि ‘बेटा आपां तैनूं हुने ही डीसी बना दिन्ने हां’ बल्कि उसे गोदी में लेकर काफी बातें की तथा अंत में उसे फूलों का बुके देकर विदा किया।
बच्ची के पिता पत्ती सूजा सिंह निवासी शिक्षा विभाग में स्कूल मुखी के तौर पर सेवाएं निभा रहे मास्टर सुखविंदर सिंह ने बताया कि वह अपने किसी निजी काम से मिनी सचिवालय जा रहा था, तो जिद करने पर 5 साल की बेटी हरसीरत को भी साथ ले गया। मिनी सचिवालय पहुंचकर वहां इतने लोगों को आते जाते देख हैरान हुई हरसीरत ने पूछा कि हम यह कहां पर आ गए तो उसने बताया कि बेटा यह मिनी सचिवालय यहां डीसी व अन्य अफसर बैठते है।
उसने पूछा डीसी क्या होता है बेटी के सवाल के जवाब ने सुखिवंदर ने बताया कि बेटा डीसी सारे जिले का सबसे बड़ा अफसर होता है, जिसका कहना सब लोग मानते हैं। इतना सुनकर हरसीरत जिद करने लगी कि वह डीसी को मिलने के बाद ही घर जाएगी। कुछ अधिक ही जिद करने पर सुखविंदर सिंह बेटी को लेकर डीसी आफिस के बाहर पहुंचा तो गेटमैन ने उन्हें इंतजार करने को कहा तो तुरंत हरसीरत कहने लगी मेरे कोल टैम हैनी जल्दी मिलाओ, जिसपर आस पास के लोग भी हंसने लगे।
डीसी राजेश त्रिपाठी को पता लगने पर उन्होंने बाप बेटी को मिलने के लिए अंदर बुलाया। आफिस में बेझिझक आम बातचीत करते हुए कहने लगी कि ‘मै वी डीसी बनना एै’ तो खुश होकर डीसी राजेश त्रिपाठी बोले कि बेटा आपां तैनूं हुने ही डीसी बना दिन्ने हां साथ ही उन्होंने उसे गोदी में लेकर काफी बातें की तथा अंत में उसे फूलों का बुके के साथ शुभकामनाएं देते हुए विदा किया।
मेष: दिन शुभ रहेगा...