Last Updated: October 7, 2026

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मध्यमार्गी-दक्षिणपंथी पार्टी ने ग्रीनलैंड का संसदीय चुनाव जीता दर्ज की 

March 12, 2025

मध्यमार्गी-दक्षिणपंथी पार्टी ने ग्रीनलैंड का संसदीय चुनाव जीता दर्ज की 

नुक: ग्रीनलैंड में मध्यमार्गी-दक्षिणपंथी विचारधारा वाली ‘डेमोक्रेटिट पार्टी’ ने सबसे अधिक वोट हासिल कर देश के संसदीय चुनाव में जीत दर्ज की है। ग्रीनलैंड पर नियंत्रण के संबंध में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बीच ये चुनाव हुए। ‘डेमोक्रेटिट’ और दूसरे स्थान पर रही पार्टी नालेराक – ‘‘पॉइंट ऑफ ओरिएंटेशन’’, दोनों ही डेनमार्क से स्वतंत्रता की पक्षधर हैं, लेकिन इसे लेकर दोनों में मतभेद हैं।

वर्षों से इस क्षेत्र पर शासन करने वाली पार्टियों पर ‘डेमोक्रेटिट’ की अप्रत्याशित जीत से यह संकेत मिलता है कि ग्रीनलैंड में कई लोग स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, सांस्कृतिक विरासत और अन्य सामाजिक नीतियों के प्रति भी उतने ही चिंतित हैं। फरवरी में प्रधानमंत्री म्यूट बोरुप एगेडे ने चुनाव की घोषणा निर्धारित समय से थोड़ा पहले की थी। उन्होंने कहा था कि देश को ऐसे ‘‘गंभीर समय’’ में एकजुट होने की जरूरत है जो ग्रीनलैंड ने पहले कभी अनुभव नहीं किया है।

ट्रंप ग्रीनलैंड पर नियंत्रण की अपनी इच्छा के बारे में मुखर रहे हैं। उन्होंने पिछले सप्ताह कांग्रेस (अमेरिकी संसद) के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए कहा था कि अमेरिका इसे (ग्रीनलैंड को) ‘‘हर हाल में’’ हासिल करके रहेगा। ग्रीनलैंड, डेनमार्क का एक स्वशासित क्षेत्र है जो उत्तरी अटलांटिक में रणनीतिक रूप से अहम हवाई एवं समुद्री मार्गों से जुड़ा हुआ है और इसमें मोबाइल फोन से लेकर अक्षय ऊर्जा प्रौद्योगिकी तक सब कुछ बनाने के लिए आवश्यक दुर्लभ खनिजों के समृद्ध भंडार हैं।

यह माना जा रहा था कि एगेडे की ‘इनुइट एटाकेटिगिट’ (संयुक्त इनुइट) चुनाव में जीत हासिल करेगी, उसके बाद सिउमुट का स्थान होगा। ये दोनों पार्टी हाल के वर्षों में ग्रीनलैंड की राजनीति पर हावी रही हैं। डेनमार्क से अलग होने का विचार मतपत्र में नहीं था। हालांकि, 56 हजार लोगों की आबादी वाला यह द्वीप 2009 से स्वतंत्रता की ओर अग्रसर है और चुने गए 31 सांसद, द्वीप के भविष्य को आकार देंगे क्योंकि देश में इस बात को लेकर बहस जारी है कि क्या स्वतंत्रता की घोषणा करने का समय आ गया है।

चुनावी दौड़ में शामिल पांच मुख्य दलों में से चार ने स्वतंत्रता की मांग की लेकिन यह कब और कैसे होगा, इस बात को लेकर उनमें असहमति थी। ‘नालेराक’ सबसे आक्रामक रूप से स्वतंत्रता के पक्ष में है, जबकि ‘डेमोक्रेटिट’ बदलाव की अधिक उदार गति की पक्षधर है। ‘पोलर रिसर्च एंड पॉलिसी इनिशिएटिव’ के प्रबंध निदेशक ड्वेन मेनेजेस ने कहा,‘‘स्वतंत्रता के लिए कौन सा दृष्टिकोण विजयी होगा यह अंतत? इस बात पर निर्भर करेगा कि ‘डेमोक्रेटिट पार्टी’ गठबंधन सरकार बनाने का फैसला करती है या नहीं और अगर ऐसा होता है तो वह किस पार्टी के साथ गठबंधन में सरकार बनाएगी।’’

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