Last Updated: October 31, 2026

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उत्तराखंड में मां पूर्णागिरि मेले का शुभारंभ, 90 दिन तक होगा आयोजन

March 18, 2025

उत्तराखंड में मां पूर्णागिरि मेले का शुभारंभ, 90 दिन तक होगा आयोजन

नेशनल डेस्क :  उत्तर भारत के प्रसिद्ध और ऐतिहासिक मां पूर्णागिरि मेले का शनिवार को विधिवत शुभारंभ हुआ। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री और चंपावत विधायक पुष्कर सिंह धामी ने टनकपुर के ठुलीगाड़ क्षेत्र में पूजा अर्चना कर और फीता काटकर  मेले का उद्धाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि मां पूर्णागिरि धाम प्रदेश के लाखों भक्तों की आस्था का केंद्र है और यह मेला कुंभ मेला के बाद राज्य में सबसे अधिक दिनों तक चलने वाला मेला है।

15 मार्च से शुरू होकर 15 जून तक चलेगा…

आपको बता दें कि यह मेला 15 मार्च से शुरू होकर 15 जून तक चलेगा, यानी यह आयोजन 90 दिन का होगा। सीएम धामी ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि मेलार्थयिों को यात्र के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े, इसके लिए मेला प्रशासन और जिला प्रशासन पूरी तरह से तैयार हैं। सीएम धामी ने आगे कहा कि इस मेले को केवल तीन महीने तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि भविष्य में इसे वर्ष भर चलने वाला मेला बनाने की योजना है, ताकि देशभर से आने वाले श्रद्धालु मां पूर्णागिरी के दर्शन साल भर कर सकें।

भक्तों के लिए 3 से 4 दिन के प्रवास का अवसर मिलेगा

CM धामी ने मां पूर्णागिरि मेले को सर्कटि के रूप में विकसित करने की बात भी कही। उनका मानना है कि भक्तगण मां के दर्शन करने के साथ-साथ चंपावत जिले के अन्य प्रमुख धार्मकि स्थलों जैसे गोलज्यु, बाबा गोरखनाथ, मां बाराही, रणकोची माता, ब्यानधूरा बाबा श्यामलताल, रीठा साहिब और मायावती आश्रम आदि के दर्शन भी कर सकते हैं। भक्तों के लिए तीन से चार दिन के प्रवास का अवसर मिलेगा, जो उन्हें इस क्षेत्र की सांस्कृतिक और धार्मकि धरोहर का अनुभव कराएगा।

मेला और यात्र की सुविधाओं को और बेहतर…

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हम राज्य सरकार की ओर से मेला और यात्र की सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए कदम उठा रहे हैं। हम सड़क निर्माण पर भी विचार कर रहे हैं, ताकि भक्तों की यात्र को और अधिक सुगम और आरामदायक बनाया जा सके। इस दौरान, सीएम धामी ने मां पूर्णागिरि धाम की महिमा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह स्थल भक्तों के लिए एक विशेष आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करता है। इसके साथ ही उन्होंने विश्वास जताया कि इस मेले के माध्यम से चंपावत जिले का धार्मकि पर्यटन बढ़ेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी इसका लाभ मिलेगा।

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