Last Updated: September 25, 2026

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‘2026 की लड़ाई TVK और DMK के बीच होगी’, विजय ने कहा- चुनावी मैदान से बाहर हुई भाजपा 

March 28, 2025

‘2026 की लड़ाई TVK और DMK के बीच होगी’, विजय ने कहा- चुनावी मैदान से बाहर हुई भाजपा 

नेशनल डेस्क: तमिलनाडु के नई राजनीतिक पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कझगम’ (टीवीके) ने शुक्रवार को चेन्नई में अपनी पहली आम परिषद बैठक आयोजित की। इस बैठक में पार्टी प्रमुख अभिनेता विजय ने 2026 के विधानसभा चुनाव को लेकर बड़े बयान दिए। उन्होंने कहा कि 2026 में तमिलनाडु विधानसभा चुनाव केवल दो पार्टियों के बीच होंगे: एक टीवीके और दूसरी डीएमके।

विजय ने अपनी पार्टी की सफलता को लेकर आश्वस्त होते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इस बार चुनावी मैदान से बाहर हो गई है। उन्होंने कहा, “2026 में यह लड़ाई केवल दो पार्टियों के बीच होगी। एक टीवीके है और दूसरी डीएमके। तमिलनाडु को अगले साल एक अलग चुनाव का सामना करना होगा, जैसा अब तक कभी नहीं हुआ।”

मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पर हमला
इस बैठक में विजय ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पर भी हमला किया। उन्होंने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर सवाल उठाए। विजय ने कहा, “अगर आपने सही तरीके से शासन किया होता, तो महिलाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बेहतर होती। मैं महिलाओं के खिलाफ हो रहे अत्याचारों पर चुप नहीं रह सकता।”

परिसीमन और केंद्र सरकार पर आरोप
विजय ने केंद्र सरकार पर भी आरोप लगाए कि वह परिसीमन के नाम पर तमिलनाडु की संसद की सीटों को कम करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने एक राष्ट्र, एक चुनाव के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को सावधानी से तमिलनाडु को संभालना चाहिए क्योंकि राज्य ने कई बार अपनी ताकत दिखाई है। विजय ने कहा, “पीएम सर, जब आपने एक राष्ट्र, एक चुनाव के बारे में बात की, तो हम आपकी योजनाओं को समझते हैं। तमिलनाडु एक राज्य है जिसने हमेशा अपनी ताकत दिखाई है, और मैं कहूंगा कि सावधान रहें।”

पार्टी ने 17 पारित किए प्रस्ताव
टीवीके की बैठक में पार्टी ने कुल 17 प्रस्ताव पारित किए। इन प्रस्तावों में पार्टी ने केंद्र से वक्फ (संशोधन) विधेयक को वापस लेने की मांग की। इसके अलावा, पार्टी ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में प्रस्तावित तीन-भाषा नीति का विरोध किया और कहा कि वे हमेशा दो-भाषा नीति के पक्षधर रहेंगे। पार्टी ने यह भी कहा कि तीन-भाषा नीति संघवाद के खिलाफ है और किसी अन्य भाषा को तमिलनाडु में थोपने का विरोध करेगी। विजय और पार्टी के नेताओं ने परिसीमन प्रक्रिया को “अनावश्यक” बताते हुए कहा कि इससे दक्षिणी राज्यों की सीटें घट सकती हैं, जो राज्य के लिए अनुचित होगा।

 

 

 

 

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