चंडीगढ़: पंजाब से नशे की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर चलाए जा रहे नशे के खिलाफ युद्ध “युद्ध नशिया विरुद्ध” को लगातार 32वें दिन जारी रखते हुए पंजाब पुलिस ने मंगलवार को राज्य भर के सभी रेलवे स्टेशनों पर घेराबंदी और तलाशी अभियान (सीएएसओ) चलाया।
यह अभियान पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव के निर्देशों पर सभी 28 पुलिस जिलों में चलाया गया।
इस राज्य स्तरीय अभियान की व्यक्तिगत रूप से निगरानी कर रहे विशेष पुलिस महानिदेशक (स्पेशल डीजीपी) कानून एवं व्यवस्था अर्पित शुक्ला ने कहा कि सभी सीपी/एसएसपी को इस अभियान को सफल बनाने के लिए पुलिस अधीक्षक (एसपी) रैंक के अधिकारियों की निगरानी में भारी पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
उन्होंने बताया कि राज्य के करीब 147 रेलवे स्टेशनों पर चलाए गए अभियान के दौरान करीब 1925 लोगों की जांच की गई। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान पूछताछ के लिए छह संदिग्ध लोगों को भी हिरासत में लिया गया।
इसके अलावा, पुलिस टीमों ने नशे के खिलाफ अपना अभियान जारी रखते हुए मंगलवार को 490 स्थानों पर छापेमारी की, जिसके परिणामस्वरूप राज्य भर में 28 प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज करने के बाद 40 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया। इसके साथ ही, 32 दिनों के भीतर गिरफ्तार किए गए कुल नशा तस्करों की संख्या 4690 तक पहुंच गई है।
विशेष डीजीपी ने बताया कि छापेमारी के दौरान गिरफ्तार नशा तस्करों के कब्जे से 320.5 ग्राम हेरोइन, 500 ग्राम अफीम, 1422 नशीली गोलियां और 7978 रुपये की ड्रग मनी बरामद की गई है।
उन्होंने बताया कि 107 राजपत्रित अधिकारियों की निगरानी में 1500 से अधिक पुलिस कर्मियों वाली 255 से अधिक पुलिस टीमों ने पूरे राज्य में छापे मारे तथा दिनभर चले अभियान के दौरान 546 संदिग्ध व्यक्तियों की जांच की।
उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस ने एक व्यापक रणनीति तैयार की है और जब तक राज्य से नशे की समस्या का उन्मूलन नहीं हो जाता, तब तक इस तरह के अभियान जारी रहेंगे।
विशेष डीजीपी ने कहा कि राज्य सरकार ने राज्य से नशे के उन्मूलन के लिए तीन-आयामी रणनीति – प्रवर्तन, नशामुक्ति और रोकथाम (ईडीपी) लागू की है, पंजाब पुलिस ने ‘नशामुक्ति’ के तहत चार व्यक्तियों को नशामुक्ति और पुनर्वास उपचार के लिए राजी किया है।
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