Last Updated: September 25, 2026

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अगर यह देश धर्मशाला नहीं है तो यह देश जेल भी नहीं… इमीग्रेशन बिल पर बोले संजय राउत

April 2, 2025

अगर यह देश धर्मशाला नहीं है तो यह देश जेल भी नहीं… इमीग्रेशन बिल पर बोले संजय राउत

नेशनल डेस्क: राज्यसभा में इमीग्रेशन एंड फॉरेनर्स बिल (आप्रवास और विदेशियों विषयक विधेयक)-2025 को गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बुधवार को सदन के समक्ष विचार के लिए रखा। विधेयक पर बोलते हुए शिवसेना (यूबीटी) के संजय राउत ने कहा कि देश को धर्मशाला बनाना किसी का मकसद नहीं है, लेकिन अगर यह देश धर्मशाला नहीं है तो यह देश जेल भी नहीं है। बीते 10 साल से देश के लोगों को एक तरह से जेल में रखा गया है। अब जो विदेश से लोग आएंगे, वह भी वैध वीजा और पासपोर्ट पर, यह कानून उन्हें भी शायद जेल में रखना चाहता है।

धीरे-धीरे टूरिस्ट भी भारत में आना बंद देंगे- राउत 
संजय राउत ने कहा कि जिस तरह से इस विधेयक में बहुत से प्रावधान हैं, उससे धीरे-धीरे टूरिस्ट भी भारत में आना बंद करेंगे। हम नहीं चाहते कि कोई भी देश में अवैध तरीके से रहे, चाहे वह बांग्लादेशी हो, रोहिंग्या हो, या फिर अमेरिकन और यूरोपियन।

सबसे पहले हमने शुरू की थी मुहिम 
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका में अवैध तरीके से रह रहे भारतीयों को सेना के विमान में हाथों-पैरों में बेड़िया लगाकर वापस भेजा। यदि कोई अमेरिकी भारत में अवैध तरीके से रह रहा हो, तो उसे भी इसी तरह से बेड़िया लगाकर वापस भेजा जाए। पूरे देश में तीन करोड़ से ज्यादा बांग्लादेशी और रोहिंग्या हैं, उन्हें निकालना जरूरी है। यह मुहिम सबसे पहले मुंबई में हमने शुरू की थी। इस विधेयक का सेक्शन 7 यह कहता है कि जो विदेशी यहां आएगा, केंद्र सरकार यह तय करेगी कि वह किस होटल में ठहरेगा, कहां घूमेगा, कहां जाएगा।

राउत ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा लाया गया यह विधेयक ऐसा है, जिसके तहत यदि कोई विदेशी डेलिगेशन, जर्नलिस्ट या डिप्लोमेट भारत आता है और वह देश में किसी प्रमुख नेता से मिलना चाहता है, सोनिया गांधी से, राहुल गांधी से, उद्धव ठाकरे से मिलना चाहता है, तो सरकार से अनुमति लेनी पड़ेगी। यदि सरकार अनुमति देती है, तो मुलाकात कर सकेंगे और यदि अनुमति नहीं मिली, तो यह मुलाकात नहीं हो सकेगी।

स्थाई समिति के पास वापस भेजा जाए बिल 
उन्होंने सदन में कहा कि देश में जो आतंकवादी आए हैं, वे किसी वैध पासपोर्ट पर नहीं आए हैं। कसाब किसी वैध पासपोर्ट पर नहीं आया था। कसाब और उसके साथ जो टेररिस्ट आए थे, वे समुद्र मार्ग से अवैध तरीके से आए और किसी को पता भी नहीं चला। कानून को यदि आप मजबूत करना चाहते हैं, तो कीजिए, लेकिन इस विधेयक को स्थाई समिति के पास वापस भेजकर इस पर चर्चा की जानी चाहिए।

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