पंजाब डेस्क : किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने 131 दिनों के बाद अपने आमरण अनशन को खत्म कर दिया है। यह कदम केंद्र की अपील के बाद उठाया गया है। डल्लेवाल का यह अनशन लंबे समय से सुर्खियों में था और उनके इस संघर्ष ने किसानों की आवाज़ को मजबूती दी थी। डल्लेवाल सहित कई किसान नेता केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। वे नए कृषि कानूनों और MSP की कानूनी गारंटी की मांग के विरोध में सड़क पर उतरे थे और अपनी मांगों को सरकार तक पहुँचाने के लिए विभिन्न प्रकार के आंदोलन कर रहे थे। इस दौरान डल्लेवाल ने आमरण अनशन का रास्ता अपनाया था, ताकि सरकार किसानों की समस्याओं को गंभीरता से ले और उन्हें हल करने की दिशा में कदम उठाए।
सरकार का हस्तक्षेप
केंद्र सरकार ने किसानों से बातचीत का सिलसिला शुरू किया और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए पहल की। सरकार ने डल्लेवाल से अपील की थी कि वे अपना अनशन समाप्त कर दें और बातचीत के रास्ते को अपनाएं। इसके बाद, डल्लेवाल ने सरकार की अपील स्वीकार करते हुए 131 दिनों के बाद अनशन खत्म कर दिया। बता दें कि किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी समेत अन्य मांगों को लेकर आमरण अनशन पर बैठे हुए थे। यह अनशन उनके द्वारा किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने के लिए किया गया था।
केंद्रीय कृषि मंत्री की अपील
इस बीच, शनिवार को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जगजीत सिंह डल्लेवाल से अपील की थी कि वे अपना आमरण अनशन समाप्त करें। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की समस्याओं को समझती है और उन पर गंभीरता से काम कर रही है। मंत्री ने डल्लेवाल से बातचीत का रास्ता अपनाने की अपील की, ताकि उनकी समस्याओं का समाधान निकाला जा सके।
MSP की कानूनी गारंटी की मांग
किसान नेता डल्लेवाल की प्रमुख मांग फसलों की एमएसपी की कानूनी गारंटी है, ताकि किसानों को अपनी फसलों का उचित मूल्य मिल सके और उन्हें बाजार के उतार-चढ़ाव से बचाया जा सके। इसके अलावा, वे अन्य कई मुद्दों को लेकर भी सरकार से समाधान की मांग कर रहे हैं, जिनमें कृषि नीति, सिंचाई सुविधाओं और किसानों की आर्थिक स्थिति को सुधारने के उपाय शामिल हैं।