
नेशनल डेस्क: ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित एक सोसायटी में रहने वाली युवती का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उसने अपने साथ हुई एक गंभीर घटना को साझा किया है। युवती ने नवरात्रों के दौरान 4 अप्रैल को लखनऊ कबाब पराठा नामक रेस्टोरेंट से स्विगी ऐप के माध्यम से वेज बिरयानी ऑर्डर की थी, लेकिन डिलीवरी के बाद उसे यह जानकर गहरा आघात लगा कि उसके पास जो बिरयानी पहुंची है, वह वेज नहीं बल्कि नॉनवेज थी।
युवती ने रोते हुए शेयर किया वीडियो
वीडियो में युवती ने बताया कि वह एक शुद्ध शाकाहारी है और नवरात्रों के चलते विशेष रूप से सात्विक भोजन का पालन कर रही थी। उसे यह उम्मीद थी कि वह वेज बिरयानी ही खा रही है, लेकिन कुछ चम्मच खाने के बाद जब स्वाद कुछ अलग लगा, तो उसने ध्यान से देखा और जाना कि यह नॉनवेज बिरयानी है। इस बात से वह बेहद आहत हुई और मानसिक रूप से टूट गई। आहत युवती ने रोते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उसने बिरयानी दिखाते हुए अपनी आपबीती सुनाई और प्रशासन से न्याय की मांग की। यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया और लोगों की सहानुभूति के साथ-साथ प्रशासन का भी ध्यान आकर्षति किया।
माननीय मुख्यमंत्री महोदय श्री @myogioffice
जी आपके राज्य में खुलेआम यह सब हो रहा है।किसी का धर्म भ्रष्ट करना कहा का कानून है। यह पाप और धर्म को अपवित्र किए जाने का इन लोगों की नई तकनीक है।मुझे न्याय चाहिए एवम इसके मालिक पर उचित कार्रवाई कीजिए
मेरा नाम छाया शर्मा है मेंने… pic.twitter.com/3DYJrEMqSo— Adv Akshit Sharma (@AkshitSharmaBKU) April 6, 2025
डीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी का बयान
मामले को गंभीरता से लेते हुए ग्रेटर नोएडा सेंट्रल जोन के डीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि 7 अप्रैल को पुलिस के संज्ञान में यह मामला आया। वीडियो के आधार पर जांच शुरू की गई और संबंधित रेस्टोरेंट के कर्मचारी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रेस्टोरेंट की ओर से लापरवाही बरती गई, जिसकी वजह से यह संवेदनशील गलती हुई। पुलिस ने युवती की शिकायत के आधार पर आगे की विधिक कार्यवाही शुरू कर दी है।
रेस्टोरेंट प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी
प्रशासन की ओर से रेस्टोरेंट व फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म को भी नोटिस भेजा जा सकता है। पुलिस का कहना है कि दोषी पाए जाने पर रेस्टोरेंट प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नवरात्रों जैसे पवित्र अवसर पर हुई इस लापरवाही ने एक बार फिर ऑनलाइन फूड डिलीवरी सेवाओं की गुणवत्ता और जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं।