चंडीगढ़/लंबी: सर्वोत्तम संभव स्वास्थ्य सेवाएं और पालतू जानवरों की आरामदायक स्थिति में भलाई सुनिश्चित करने के लिए, पंजाब के पशु पालन, डेयरी विकास और मत्स्य पालन मंत्री स. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने गुरुवार को श्री मुक्तसर साहिब जिले के बादल गांव में सरकारी पशु चिकित्सा पॉलीक्लिनिक में अत्याधुनिक इन-पेशेंट डिपार्टमेंट (आईपीडी) वार्ड का उद्घाटन किया।
इसके साथ ही राज्य भर के छह पशु चिकित्सा पॉलीक्लिनिकों में पशुओं के लिए इन-पेशेंट डिपार्टमेंट (आईपीडी) सेवाओं की शुरुआत हो गई है।
उद्घाटन समारोह के दौरान उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए गुरमीत सिंह खुदियां ने कहा कि पटियाला, अमृतसर, संगरूर, गुरदासपुर और लुधियाना में पशु चिकित्सा पॉलीक्लिनिक में इनडोर सेवाएं शुरू करने के लिए सभी आवश्यक उपकरण भी उपलब्ध करा दिए गए हैं। ये पॉलीक्लिनिक पालतू जानवरों और पशुओं के लिए कई तरह की सेवाएं प्रदान करेंगे, जिनमें गंभीर बीमारी का प्रबंधन, सर्जरी, ऑपरेशन के बाद की देखभाल, नियमित जांच, निदान (लैब टेस्ट, एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड) और अन्य सेवाएं शामिल हैं।
आज शुरू की गई नई आईपीडी सेवाओं के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सरदार गुरमीत सिंह खुडियां ने कहा कि ये पॉलीक्लिनिक पशुपालकों को उनके पशुओं के लिए आवश्यक देखभाल और उपचार प्रदान करके बहुत लाभान्वित करेंगे।
इससे पहले, पशु चिकित्सा पॉलीक्लिनिक में इनडोर सुविधाओं की कमी पशुपालकों के लिए चुनौती पेश करती थी, खास तौर पर बड़े पशु ऑपरेशन के बाद। क्षतिग्रस्त टाँके, खुले हुए टाँके, टॉक्सिमिया और यहाँ तक कि पशु की मृत्यु का जोखिम एक बड़ी चिंता का विषय था। किसानों के पास अक्सर अपने पशुओं का इलाज करवाने के लिए उपयुक्त साधनों की कमी होती थी।
इन मुद्दों के समाधान के लिए, मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने राज्य के छह जिलों के पशु चिकित्सा पॉलीक्लिनिकों में आईपीडी वार्ड स्थापित किए हैं, जिससे पशुओं को उनके पूर्ण रूप से ठीक होने तक भर्ती रखने की अनुमति मिल सके। उन्होंने कहा कि ये पॉलीक्लिनिक विशेष देखभाल प्रदान करेंगे, जिसमें निरीक्षण वार्ड और पुनर्वास कार्यक्रम शामिल हैं।
सरदार गुरमीत सिंह खुडियां ने पशुपालकों से अपने पशुओं को खुरपका-मुंहपका रोग (एफएमडी) से बचाने के लिए टीकाकरण करवाने की अपील की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने 65 लाख से अधिक पशुओं को खुरपका-मुंहपका रोग (एफएमडी) से बचाने के लिए राज्यव्यापी टीकाकरण अभियान शुरू किया है।
उन्होंने आगे कहा कि पशुपालन विभाग ने मई 2025 के अंत तक इस कार्य को पूरा करने के लिए 1600 से अधिक टीमों का गठन किया है। उन्होंने जनता से भी अपील की कि वे अपने पशुओं का लिंग-सॉर्टेड वीर्य से गर्भाधान करवाएं ताकि राज्य में आवारा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए सर्वोत्तम जर्म प्लाज्म उपलब्ध हो सके।
पशुपालन विभाग पंजाब के निदेशक डॉ. जी.एस. बेदी ने प्रमुख सचिव श्री राहुल भंडारी के मार्गदर्शन में विभाग द्वारा की जा रही पहलकदमियों पर प्रकाश डाला, जिसमें 97 तहसीलों और 22 पॉलीक्लिनिकों में सांप के जहर के उपचार की सुविधा, एएससीएडी योजना के तहत राज्य में मुफ्त कृमि मुक्ति अभियान, राज्य के घोड़ों के लिए मुफ्त टिटनेस इंजेक्शन, गोजातीय प्रजनन प्राधिकरण को सक्रिय करना और पंजाब में पालतू पशुओं की दुकानों और प्रजनकों का पंजीकरण शामिल है।
उन्होंने जनता से अपील की कि वे पशु कल्याण के लिए विभाग द्वारा शुरू की गई योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।
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