Last Updated: October 30, 2026

Dainik Savera Times Logo

हुक्मनामा श्री हरमंदिर साहिब जी 18 अप्रैल 2025

April 18, 2025

हुक्मनामा श्री हरमंदिर साहिब जी 18 अप्रैल 2025

Hukamnama : धनासरी महला ५ ॥ जह जह पेखउ तह हजूरि दूरि कतहु न जाई ॥ रवि रहिआ सरबत्र मै मन सदा धिआई ॥१॥ ईत ऊत नही बीछुड़ै सो संगी गनीऐ ॥ बिनसि जाइ जो निमख महि सो अलप सुखु भनीऐ ॥ रहाउ ॥ प्रतिपालै अपिआउ देइ कछु ऊन न होई ॥ सासि सासि संमालता मेरा प्रभु सोई ॥२॥ अछल अछेद अपार प्रभ ऊचा जा का रूपु ॥ जपि जपि करहि अनंदु जन अचरज आनूपु ॥३॥ सा मति देहु दइआल प्रभ जितु तुमहि अराधा ॥ नानकु मंगै दानु प्रभ रेन पग साधा ॥४॥३॥२७॥

Hukamnama अर्थ : हे भाई ! मैं जहाँ जहाँ देखता हूँ वहाँ वहाँ ही परमात्मा हाजर-नाजर है, वह किसी जगह से भी दूर नहीं है। हे (मेरे) मन ! तूं सदा उस भगवान को सुमिरा कर, जो सभी में बस रहा है।1। हे भाई ! उस (परमात्मा) को ही (असल) साथी समझणा चाहिए, (जो साथ से) इस लोक में परलोक में (कहीं भी) अलग नहीं होता। उस सुख को होछा सुख कहना चाहिए जो आँख झपकने के समे में ही खत्म हो जाता है।रहाउ। हे भाई ! मेरा वह भगवान भोजन दे के (सब को) पालता है, (उस की कृपा के साथ) किसी चीज की कमी नहीं रहती। वह भगवान (हमारे) हरेक साँस के साथ के साथ हमारी संभाल करता रहता है।2। हे भाई ! जो भगवान छला नहीं जा सकता, नास नहीं किया जा सकता, जिस की हस्ती सब से ऊँची है, और हैरान करने वाली है, जिस के बराबर का ओर कोई नहीं, उस के भक्त उस का नाम जप जप के आत्मिक आनंद मानते रहते हैं।3। हे दया के घर भगवान ! मुझे वह समझ बख्श जिस की बरकत के साथ मैं तुझे ही सुमिरता रहूँ। हे भगवान ! नानक (तेरे पासों) तेरे संत जनों के चरणों की धूल माँगता है।4।3।27।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें