
नेशनल डेस्क: केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार को कहा कि हाल ही में पारित वक्फ (संशोधन) कानून का मुख्य उद्देश्य दो चीजें हैं, गरीब मुसलमानों को फायदा पहुंचाना, और वक्फ संपत्तियों की लूट और दुरुपयोग को रोकना। उन्होंने कहा कि भारत जैसे बड़े देश में हर इंच जमीन का सही इस्तेमाल होना चाहिए और इसमें वक्फ की संपत्तियां भी शामिल हैं।
भारत में सबसे ज्यादा वक्फ संपत्तियां
रिजिजू ने बताया कि “दुनिया में सबसे ज्यादा वक्फ संपत्तियां भारत में हैं- करीब 9 लाख 72 हजार से ज्यादा। लेकिन ये संपत्तियां गरीब मुसलमानों की भलाई के लिए इस्तेमाल नहीं हो रहीं, बल्कि कुछ ताकतवर लोग इसका गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि “हमने जो संशोधन किया है, उसका मकसद जमीन की लूट को रोकना और यह सुनिश्चित करना है कि इस संपत्ति से गरीबों को सच में फायदा पहुंचे।”
मुंबई में जन जागरूकता अभियान
रिजिजू ने मुंबई में एक वक्फ सुधार जागरूकता कार्यक्रम के दौरान आम लोगों से मुलाकात की और उन्हें इस कानून के बारे में बताया।
पुरानी रिपोर्टों का हवाला
रिजिजू ने यह भी कहा कि वक्फ कानून में जो बदलाव किए गए हैं, वो कांग्रेस सरकार के समय बनाई गई रिपोर्टों पर आधारित हैं। उन्होंने बताया कि 1976 की वक्फ जांच रिपोर्ट, सच्चर समिति की रिपोर्ट, और के रहमान खान की रिपोर्ट इन सभी में वक्फ संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन, पारदर्शिता और जवाबदेही की सिफारिश की गई थी। “हमने उन्हीं सिफारिशों को ध्यान में रखकर यह कानून बनाया है ताकि वक्फ की संपत्तियां सही लोगों तक पहुंच सकें।”
वक्फ (संशोधन) विधेयक बना कानून
यह विधेयक 2 और 3 अप्रैल को क्रमश, लोकसभा और राज्यसभा में पास हुआ। 5 अप्रैल को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद यह विधेयक कानून बन गया।
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