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आम-जीत सहयोग के जरिए चीनी अंतरिक्ष उद्योग से मानव अन्वेषण का मार्ग प्रशस्त हो रहा है

April 24, 2025

आम-जीत सहयोग के जरिए चीनी अंतरिक्ष उद्योग से मानव अन्वेषण का मार्ग प्रशस्त हो रहा है

Chinese Space Industry : 24 अप्रैल 2025 को, जबकि चीनी अंतरिक्ष कर्मचारी 10वें चीन अंतरिक्ष दिवस और चीन के पहले कृत्रिम उपग्रह “तोंगफांगहोंग-1” के प्रक्षेपण की 55वीं वर्षगांठ मना रहे हैं, पाकिस्तान से आई एक खबर ध्यान आकर्षित करने वाली है कि पाकिस्तान के पहले अंतरिक्ष यात्री चीन में प्रशिक्षण ले रहे हैं, जो जल्द ही चीनी अंतरिक्ष स्टेशन “थ्येनकोंग” पर जाने वाले पहले विदेशी आगंतुक बन जाएंगे। इस खबर से लोगों को 35 वर्ष पहले की याद आ गई कि 7 अप्रैल 1990 को चीन ने लांग मार्च-3 रॉकेट से विदेशी उपग्रह “एशिया 1” को अंतरिक्ष में पहली बार भेजा था। इससे चीन की अंतरिक्ष अंतर्राष्ट्रीय यात्रा शुरू हुई। जबकि अमेरिका के नेतृत्व वाला अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन चीन को बाहर रखता है, वहीं चीनी अंतरिक्ष स्टेशन दुनिया के लिए अपनी बाहें खोलता है। पाकिस्तानी अंतरिक्ष यात्री का आगमन न केवल अपने देश के लिए गौरव की बात है, बल्कि विकासशील देशों के लिए अंतरिक्ष का सामूहिक अन्वेषण करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। इस सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर अंतर्राष्ट्रीय मानवयुक्त अंतरिक्ष सहयोग में भाग लेने के लिए अधिक विकासशील देशों के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत करता है। इससे अधिक देशों को ब्रह्मांड के रहस्यों का पता लगाने के लिए मिलकर काम करने और मानव जाति के लाभ के मार्ग पर संयुक्त रूप से एक नया अध्याय लिखने के लिए प्रेरित करने में मदद मिलेगी।
चीन का खुला रवैया कुछ देशों के रुख से बिल्कुल विपरीत है। वर्ष 2011 अमेरिका द्वारा पारित “वुल्फ संशोधन” से नासा को चीन के साथ किसी भी प्रकार के सहयोग में शामिल होने से स्पष्ट रूप से रोका जाता है, जिससे अंतरिक्ष अन्वेषण का राजनीतिकरण होता है। लेकिन चीन ने व्यावहारिक कार्यों से इसे साबित कर दिया है कि अंतरिक्ष को “अमीरों का क्लब” होने के बजाय मानव जाति का साझा घर होना चाहिए।

वर्ष 1990, उपग्रह “एशिया 1” का प्रक्षेपण न केवल एक तकनीकी सफलता थी, बल्कि एक वैचारिक मुक्ति भी थी। उस समय, चीनी रॉकेट व उपग्रह प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ वू केली आदि लोगों ने चीनी रॉकेट मॉडल को बेचने के लिए दुनिया भर में ले जाते थे। उन्हें मजाक में “मानव एक्सप्रेस डिलीवरी” कहा जाता था। वर्तमान में, चीन का वाणिज्यिक अंतरिक्ष उद्योग “उपग्रह-रॉकेट संयुक्त आपूर्ति प्लस वित्तपोषण बीमा” की वन-स्टॉप सेवा प्रदान करने में सक्षम है। यहां तक कि चीन मिस्र के लिए उपग्रहों का निर्माण कर सकता है और नाइजीरिया को ग्राउंड स्टेशन बनाने में मदद कर सकता है। अब तक, लांग मार्च रॉकेटों की श्रृंखला ने विदेशों के लिए 74 उपग्रह प्रक्षेपित किए हैं। चीन और ब्राजील द्वारा संयुक्त रूप से विकसित चीन-ब्राजील पृथ्वी संसाधन उपग्रह “सीबीर्स” (CBERS) “दक्षिण-दक्षिण सहयोग” का स्वर्णिम चिन्ह बना है और छह “सीबीर्स” उपग्रहों का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया गया है। ये उपग्रह न केवल दोनों देशों की सेवा करते हैं, बल्कि पूरे दुनिया को बड़ी मात्रा में मूल्यवान सुदूर संवेदन डेटा भी उपलब्ध कराते हैं। वर्ष 2023, चीन के नागरिक और वाणिज्यिक रॉकेट “लिच्येन-1” ने ओमान के क्यूबसैट को सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया। जिससे अरब देशों की स्वायत्त अंतरिक्ष अवलोकन की इच्छा को मजबूत समर्थन किया जाता है। “मानव एक्सप्रेस डिलीवरी” से लेकर “संपूर्ण उपग्रह निर्यात” तक, चीन के वाणिज्यिक अंतरिक्ष उद्योग ने अनुसरण करने से लेकर कंधे से कंधा मिलाकर चलने तक वाला एक शानदार परिवर्तन पूरा कर लिया है।

इसके विपरीत, कुछ देशों की उपग्रह कंपनी पृथ्वी की निचली कक्षा के “क्षेत्र में हस्तक्षेप कर रही हैं”, जिससे अंतरिक्ष में कचरा उत्पन्न हो रहा है और अन्य अंतरिक्ष यान की सुरक्षा को खतरा पैदा हो रहा है। अमेरिका के स्टारलिंक उपग्रहों ने “अंतरिक्ष संकटमोचक” की तरह कार्य करते हुए चीनी अंतरिक्ष स्टेशन को “बाधाओं से आपातकालीन तौर पर बचने” के लिए बार-बार से मजबूर किया है। 55 वर्ष पहले, जब उपग्रह “तोंगफांगहोंग-1” का संगीत अंतरिक्ष में गूंजा था, तो चीन में एक टीवी सेट खरीदना भी विलासिता की बात थी। आज, चीन के अंतरिक्ष कार्यक्रम ने “मानव जाति साझा भविष्य वाले समुदाय” की परिकल्पना को अपनी कक्षा में अंकित कर दिया है। चीन के अंतरिक्ष स्टेशन पर वैज्ञानिक प्रयोग कैबिनेट दुनिया भर के वैज्ञानिकों के आवेदन के लिए खुला है और यूरोपीय संघ व केन्या आदि देशों व संगठनों ने प्रस्ताव प्रस्तुत किए हैं। एक अफ्रीकी अंतरिक्ष अधिकारी ने कहा, चीन के साथ काम करने से उन्हें पहली बार यह महसूस हुआ है कि अंतरिक्ष अन्वेषण कोई दूर का सपना नहीं है। चीन का अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष सहयोग केवल तकनीकी सहयोग से कहीं अधिक है। जब ऑस्ट्रेलिया में जंगली आग भड़की, तो चीन के संसाधन उपग्रहों ने समय पर अग्नि निगरानी डेटा प्रदान किया। जब अफ्रीका में सूखा पड़ा, तो चीनी उपग्रहों ने नुकसान का मानचित्रण करने में मदद की। इन “अंतरिक्ष बचाव” से चीन के अंतरिक्ष उद्योग की मानवीय देखभाल स्पष्ट रूप से प्रदर्शित है।

जब प्राचीन यूनानी अमीर तारों को देखते थे, तो वे आम लोगों को नीची दृष्टि से देखते थे और कहते थे कि ये तारे देवताओं के हैं। खोज के युग के दौरान, शक्तिशाली राष्ट्रों ने नये संसार में अपने झंडे गाड़ने के लिए होड़ की थी। आज, कुछ देश निम्न-पृथ्वी कक्षा के लिए “पार्किंग स्थानों पर कब्ज़ा” करना चाहते हैं। वहीं, चीन के अंतरिक्ष उद्योग के पास इसका सीधा जवाब है कि चीन ने अपने अंतरिक्ष स्टेशन पर “विकासशील देशों का स्वागत है” लिखा एक निऑन साइन लगाया और अपने वाणिज्यिक रॉकेटों पर “साझा प्रक्षेपण” के लिए “समूह आदेश फॉर्म” स्थापित किए। जब भविष्य के मानव 21वीं सदी की अंतरिक्ष दौड़ पर नज़र डालेंगे, तो इतिहास केवल दो प्रकार के लोगों को याद रखेगा कि वे जो अंतरिक्ष में “दीवारें बनाने” में व्यस्त थे और वे जो तारों के बीच “पुल बनाने” में व्यस्त थे। उपग्रह “तोंगफांगहोंग-1” के प्रक्षेपण के 55 साल बाद, चीन का अंतरिक्ष कार्यक्रम खुलेपन व जीत-जीत सहयोग का उपयोग करके यह साबित कर रहा है कि अंतरिक्ष सभ्यता का सही अर्थ कभी एकल नहीं रहा है, बल्कि एक सिम्फनी है।

(साभार – चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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