नेशनल डेस्क : नई दिल्ली में आयोजित ‘विजन 2047 : समृद्ध और महान भारत’ अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नवाचार को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ने का मूलमंत्र बताया। उन्होंने कहा कि एआई, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा और बायोटेक जैसे क्षेत्रों में नवाचार नए भारत की रीढ़ बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा एक मजबूत नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र विकसित कर रहा है। राज्य के हर जिले में इनोवेशन हब स्थापित किए जा रहे हैं, वहीं गुरुग्राम और पंचकूला में एआई मिशन के तहत अत्याधुनिक तकनीकों से लैस दो विशेष हब बनाए जा रहे हैं। इनमें 50,000 से अधिक युवाओं और पेशेवरों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे वैश्विक मानकों पर खरे उतरने में सक्षम हो सकें। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के विश्वविद्यालयों में इनक्यूबेशन सेंटर और शिक्षण संस्थानों में टिंकरिंग लैब स्थापित की गई हैं। स्कूली स्तर पर कोडिंग, एआई और डिजिटल साक्षरता को पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। ड्यूल एजुकेशन मॉडल से विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ कार्य का अनुभव भी मिल रहा है।
युवा शक्ति को नई दिशा मिली
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजनाओं जैसे मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और नई शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों से भारत की युवा शक्ति को नई दिशा मिली है। हरियाणा में भी इन कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। कृषि क्षेत्र में भी नवाचार को बढ़ावा देते हुए मुख्यमंत्री ने वर्टिकल फार्मिंग और कृषि पर्यटन को रोजगार सृजन का नया माध्यम बताया। साथ ही उन्होंने ‘3R’ – रिसाइकल, रियूज़ और रिड्यूस – पर आधारित विकास की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 में भारत अपनी स्वतंत्रता की 100वीं वर्षगांठ मनाएगा और तब तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य पूरे देश का साझा संकल्प है। हरियाणा इसमें एक मजबूत योगदान देगा, क्योंकि राज्य की युवा शक्ति, नवाचार और उद्यमिता ही भारत को आत्मनिर्भर और वैश्विक नेतृत्वकर्ता बनाएंगे।
मेष: दिन शुभ रहेगा...