Last Updated: October 10, 2026

Dainik Savera Times Logo

‘रक्षा अभियानों और सुरक्षा बलों की आवाजाही का लाइव प्रसारण न करें’, सरकार की मीडिया चैनलों को एडवाइजरी

April 26, 2025

‘रक्षा अभियानों और सुरक्षा बलों की आवाजाही का लाइव प्रसारण न करें’, सरकार की मीडिया चैनलों को एडवाइजरी

नेशनल डेस्क: भारत और पाकिस्तान तनाव के बीच केंद्र सरकार ने शनिवार को देश के मीडिया चैनलों को एडवाइजरी जारी की है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने सभी मीडिया चैनलों को राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में रक्षा अभियानों और सुरक्षा बलों की आवाजाही का सीधा प्रसारण न करने की सलाह जारी की है। यह परामर्श पहलगाम आतंकवादी हमले के कुछ दिनों बाद आया है जिसमें 26 लोग मारे गए थे।


सलाह में कहा गया है, “राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में, सभी मीडिया प्लेटफॉर्म, समाचार एजेंसियों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे रक्षा और अन्य सुरक्षा-संबंधी अभियानों से संबंधित मामलों पर रिपोर्टिंग करते समय अत्यधिक जिम्मेदारी का प्रयोग करें और मौजूदा कानूनों और विनियमों का सख्ती से पालन करें।”


अनजाने में दुश्मनों को मिल सकती है मदद 
सलाह में कहा गया है कि रक्षा संचालन या आंदोलन से संबंधित कोई वास्तविक समय कवरेज, दृश्यों का प्रसार या ‘स्रोत-आधारित’ जानकारी के आधार पर रिपोर्टिंग नहीं की जानी चाहिए। संवेदनशील जानकारी का समय से पहले खुलासा अनजाने में शत्रुतापूर्ण तत्वों को मदद मिल सकती है और परिचालन प्रभावशीलता और कर्मियों की सुरक्षा को खतरे में डाल सकता है।”

कारगिल और मुंबई हमले कि किया जिक्र
परामर्श में कहा गया है कि पिछली घटनाओं ने जिम्मेदाराना रिपोर्टिंग के महत्व को रेखांकित किया है। इसमें कहा गया है, “कारगिल युद्ध, मुंबई आतंकी हमले (26/11) और कंधार अपहरण कांड के दौरान अप्रतिबंधित कवरेज से राष्ट्रीय हितों पर अनपेक्षित प्रतिकूल परिणाम हुए।”

आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत
बता दें कि, 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के बैसरन इलाके में हुए आतंकवादी हमले ने पूरे देश को हिला दिया। यह जगह ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ के नाम से जानी जाती है और एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। इस हमले में 26 लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए। मारे गए लोगों में ज्यादातर पर्यटक थे। वहीं अब हमले के बाद सुरक्षाबलों ने कश्मीर घाटी में आतंकियों की खोज तेज कर दी है। एक नई सूची जारी की गई है, जिसमें बताया गया है कि इस समय घाटी में 14 लोकल आतंकी सक्रिय हैं। इनमें से कई लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, और हिजबुल जैसे संगठनों से जुड़े हुए हैं।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें