Last Updated: October 10, 2026

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भारत-फ्रांस ने 26 राफेल विमानों की खरीद के लिये अंतरसरकारी समझौते पर किए हस्ताक्षर

April 28, 2025

भारत-फ्रांस ने 26 राफेल विमानों की खरीद के लिये अंतरसरकारी समझौते पर किए हस्ताक्षर
नयी दिल्ली: भारत और फ्रांस ने सोमवार को भारतीय नौसेना के लिए लगभग 64,000 करोड़ रुपये की लागत से भारतीय नौसेना के विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत पर तैनाती के लिये राफेल लड़ाकू विमानों के 26 नौसैनिक संस्करण खरीदने के वास्ते एक अंतर-सरकारी समझौते पर हस्ताक्षर किए।
रक्षा मंत्रलय के अनुसार, इस समझौते में राफेल विमान के ढांचे के लिए उत्पादन सुविधा स्थापित करने के साथ-साथ भारत में विमान के इंजन, सेंसर और हथियारों के रखरखाव, मरम्मत और ओवरहालिंग सुविधाओं की स्थापना का प्रावधान है।
बयान में कहा गया कि इस समझौते से भारत में स्वदेशी हथियारों के एकीकरण के लिए प्रौद्योगिकी हस्तांतरण में भी मदद मिलेगी। इन विमानों की आपूíत 2028 में शुरू हो जाएगी और 2030 तक पूरी हो जाएगी, जिसके चालक दल को फ्रांस और भारत में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
मंत्रलय ने एक बयान में कहा, ह्लक्ष्नके (राफेल-मरीन के) शामिल होने से भारतीय नौसेना के विमानवाहक पोतों में एक शक्तिशाली ताकत जुड़ जाएगी, जिससे समुद्र में देश की वायु शक्ति में काफी वृद्धि होगी।राफेल विमान के निर्माता दसॉ एविएशन ने कहा कि नया अधिग्रहण भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक संबंधों के महत्व और राष्ट्रीय संप्रभुता के आवशय़क वाहक के रूप में विमान की मान्यता को प्रमाणित करता है।
इसमें कहा गया है कि राफेल-मरीन भारतीय सुरक्षाबलों  को अत्याधुनिक क्षमताएं प्रदान करेगा और भारतीय नौसेना को फ्रांसीसी नौसेना के अनुभव से लाभ होगा, जो पहले से ही इस विमान का संचालन कर रही है। राफेल-मरीन लड़ाकू विमान समुद्री क्षेत्र में पूर्ण रूप से संचालन में सक्षम है।
दसॉ एविएशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एरिक ट्रेप्पियर ने कहा, दसॉ एविएशन और उसके साझेदारों की ओर से, मैं भारतीय अधिकारियों को, जिनके साथ हम 70 से अधिक वर्षों से काम कर रहे हैं, हम पर विश्वास के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं और भारत की संप्रभु शक्ति, उसकी रणनीतिक चुनौतियों और भविष्य के महत्वाकांक्षी दृष्टिकोण की अभिव्यक्ति में योगदान देने के लिए उनके साथ खड़े रहने के हमारे अटूट दृढ़ संकल्प की पुष्टि करता हूं।  इस सौदे के तहत, फ्रांसीसी विमानन कंपनी 22 एक सीट वाले राफेल-मरीन जेट और चार दो-सीट वाले प्रशिक्षक विमान प्रदान करेगी। इस सौदे के तहत भारतीय नौसेना को राफेल (मरीन) लड़ाकू विमानों के निर्माता दसॉ एविएशन से हथियार प्रणाली और कलपुज्रे सहित संबंधित सहायक उपकरण भी मिलेंगे।
रक्षा मंत्रलय ने कहा कि राफेल-मरीन और भारतीय वायु सेना (आईएएफ) द्वारा संचालित राफेल में समानताएं हैं।
उसने एक बयान में कहा, राफेल-मरीन की खरीद से भारतीय नौसेना और भारतीय वायुसेना दोनों के लिए विमान प्रशिक्षण और रक्षा सामग्री को अनुकूलित करने के साथ-साथ संयुक्त परिचालन क्षमता में भी काफी वृद्धि होगी।ह्व इसमें कहा गया, क्ष्न विमानों के शामिल होने से भारतीय नौसेना के विमानवाहक पोतों की मारक क्षमता में काफी वृद्धि होगी। रक्षा मंत्रलय ने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ ंिसह और फ्रांस के सश बल मंत्री सेबेस्टियन लेकॉनरू ने अंतर-सरकारी समझौते पर हस्ताक्षर किए। भारत और फ्रांस के अधिकारियों ने समझौते, विमान पैकेज आपूíत प्रोटोकॉल और हथियार पैकेज आपूíत प्रोटोकॉल की हस्ताक्षरित प्रतियों का आदान-प्रदान किया।
भारतीय वायु सेना पहले से ही 36 राफेल लड़ाकू विमान संचालित कर रही है।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीएस) द्वारा खरीद को मंजूरी दिए जाने के तीन सप्ताह बाद इस बड़े सौदे पर मुहर लगी।
जुलाई 2023 में रक्षा मंत्रलय ने कई दौर के विचार-विमर्श और मूल्यांकन परीक्षणों के बाद इस बड़े अधिग्रहण के लिए प्रारंभिक मंजूरी दे दी थी।

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