चंडीगढ़: विजिलैंस विभाग द्वारा 20 हजार रु पए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किए गए चंडीगढ़ हाऊसिंग बोर्ड के सीनियर असिस्टैंट जगदीश राज मनचंदा को जिला अदालत ने दोषी करार देते हुए 4 साल की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 20 हजार रु पए का जुर्माना भी लगाया है। दोषी की पहचान सैक्टर-45 निवासी जगदीश राज मनचंदा के रूप में हुई है। विजिलैंस की टीम ने उसे 11 मार्च 2020 को सैक्टर-22 से गिरफ्तार किया था। धनास ईडब्ल्यूएस कॉलोनी में रहने वाले एक ऑटो चालक इफ्तेकार ने विजिलैंस को शिकायत दी थी कि उसके फ्लैट के अलॉटमेंट लेटर और पजेशन लेटर गुम हो गए थे। डुप्लीकेट कागजात बनवाने के लिए वह सैक्टर-9 स्थित चंडीगढ़ हाऊसिंग बोर्ड के कार्यालय गया था। वहां उसकी मुलाकात सीनियर असिस्टैंट के पद पर तैनात जगदीश राज मनचंदा से हुई।
जगदीश ने इफ्तेकार को बताया कि डुप्लीकेट कागजात तैयार करवा दिए जाएंगे, लेकिन इसके लिए उसे 50 हजार रु पए देने होंगे। बाद में दोनों के बीच 40 हजार रु पए में सौदा तय हुआ। 11 मार्च 2020 को जगदीश ने शिकायतकर्ता से 20 हजार रु पए एडवांस के तौर पर सैक्टर-22 स्थित एक वाइन शॉप के पास बुलाकर देने को कहा। इफ्तेकार ने इस बारे में विजिलेंस को सूचना दी। विजिलेंस टीम ने जाल बिछाकर जगदीश राज को 20 हजार रु पए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी जगदीश राज मनचंदा को दोषी करार देते हुए उसे 4 साल की कठोर कारावास तथा 20 हजार रु पए के जुर्माने की सजा सुनाई।
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