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‘अल्लाहु अकबर’ के आरोपी जिपलाइन ऑपरेटर का परिवार बोला – बेटे का इरादा किसी को नुकसान पहुंचाने का नहीं था

May 1, 2025

‘अल्लाहु अकबर’ के आरोपी जिपलाइन ऑपरेटर का परिवार बोला – बेटे का इरादा किसी को नुकसान पहुंचाने का नहीं था

जम्मू-कश्मीर: पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले में शामिल होने के आरोपी ज़िपलाइन ऑपरेटर मुजामिल के परिवार ने अपने बेटे का बचाव किया है। मुजामिल के पिता अब्दुल अजीज ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनका बेटा घटना के बाद बहुत डरा हुआ था और वह रो रहा था।

‘तूफान आने पर भी हम ‘अल्लाहु अकबर’ कहते हैं’
अब्दुल अजीज ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया, “मुजामिल अभी पुलिस के पास है, वह बहुत घबराया हुआ था। उसने कहा, ‘मुझे कुछ मत कहना, यहां कुछ हुआ है।'” जब उनसे मुजामिल के वायरल वीडियो के बारे में पूछा गया, जिसमें वह “अल्लाहु अकबर” चिल्लाते हुए दिखाई देता है, तो उन्होंने कहा, “जब तूफ़ान आता है तो भी हम ‘अल्लाहु अकबर’ कहते हैं। इसमें हमारी कोई गलती नहीं है। मुजामिल सिर्फ ज़िपलाइन का काम करता था, वह और कुछ नहीं करता।” अब्दुल अजीज ने यह भी कहा कि मुजामिल का किसी को नुकसान पहुँचाने का कोई इरादा नहीं था।

“अल्लाहु अकबर” कहने के बाद हुई गोलीबारी
उन्होंने कहा कि उनका बेटा बस अपना काम कर रहा था और उस पर आरोप लगाना सही नहीं है। वहीं, सोशल मीडिया पर गुजरात के पर्यटक ऋषि भट्ट का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वे ज़िपलाइनिंग कर रहे थे और अचानक आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। ऋषि भट्ट ने एएनआई से बातचीत में कहा कि जब वह ज़िपलाइनिंग कर रहे थे, तो ऑपरेटर ने तीन बार “अल्लाहु अकबर” कहा और उसके बाद ही गोलीबारी शुरू हुई।

ऑपरेटर ने एक शब्द भी नहीं कहा: पर्यटक
भट्ट ने कहा, “मेरे पहले 9 लोग ज़िपलाइनिंग कर चुके थे, लेकिन ऑपरेटर ने एक शब्द भी नहीं कहा। जब मैं ज़िपलाइनिंग कर रहा था, तो उसने तीन बार ‘अल्लाहु अकबर’ कहा और फिर गोलीबारी शुरू हो गई। मुझे उस ऑपरेटर पर शक है। वह आम कश्मीरी जैसा दिख रहा था।” घटना का जिक्र करते हुए भट्ट ने बताया, “जब गोलीबारी शुरू हुई, तो मुझे यह समझ में आया कि यह आतंकवादी हमला है। मैंने 5-6 लोगों को गोली लगते हुए देखा।” इसके बाद भट्ट ने अपनी बेल्ट खोली और नीचे कूदकर अपनी पत्नी और बेटे के साथ वहां से भाग गए। उन्होंने बताया कि वे एक गड्ढे में छिप गए थे, जहां उन्हें अन्य लोग भी छिपे हुए मिले।

हमलें में 26 लोगों की मौत 
यह आतंकवादी हमला 22 अप्रैल को पहलगाम के बैसरन घास के मैदान में हुआ था, जहां आतंकवादियों ने पर्यटकों को निशाना बनाया। इस हमले में 25 भारतीय नागरिक और एक नेपाली नागरिक की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। केंद्र सरकार ने इस हमले के लिए जिम्मेदार आतंकवादियों और साजिशकर्ताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का ऐलान किया है।

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