नेशनल डेस्क: पहलगाम आतंकी हमले पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के विवादास्पद बयान को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। राय ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार आतंकियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है। उनके इस बयान के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और इसे सेना का मनोबल गिराने वाला बताया।
भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “जहां एक ओर कांग्रेस कहती है कि वह सरकार के साथ खड़ी है, वहीं उनके नेता सेना को लेकर ऐसे बयान देते हैं जो देशविरोधी लगते हैं। यह पाकिस्तान जैसी रणनीति है, जो खुद आतंकवाद फैलाता है लेकिन अपनी भूमिका से इनकार करता है।” उन्होंने कहा कि पाकिस्तान लगातार सीमा पर संघर्षविराम का उल्लंघन कर रहा है, और ऐसे समय में कांग्रेस के नेता बयानबाज़ी करके हमारे सशस्त्र बलों का मनोबल तोड़ रहे हैं।
राफेल पर नींबू-मिर्च की टिप्पणी से विवाद
अजय राय ने राफेल विमान पर तंज कसते हुए कहा कि “सरकार ने राफेल तो खरीदा, लेकिन वह अभी भी हैंगर में नींबू-मिर्च के साथ खड़ा है।” उन्होंने एक खिलौना विमान दिखाते हुए कहा कि देश में आतंकी घटनाएं बढ़ रही हैं और सरकार केवल बातें कर रही है, कार्रवाई नहीं कर रही।
कांग्रेस नेता का सफाई भरा बयान
बाद में अजय राय ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने राफेल को प्रतीकात्मक रूप से पेश किया, क्योंकि जनता अब कार्रवाई चाहती है। उन्होंने कहा, “हम सरकार के साथ हैं, लेकिन जब कोई कदम नहीं उठाया जाएगा, तो सवाल भी उठेंगे और आलोचना भी होगी।” राय ने कहा, “पहलगाम में जो निर्दोष मारे गए, उनके परिजनों के आंसू अब सूख गए हैं, लेकिन अभी तक सरकार की तरफ से कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया है। देश की जनता अब इंतजार नहीं करना चाहती, वो ठोस जवाब चाहती है।”
राजनीतिक टकराव तेज
जहां भाजपा ने कांग्रेस पर दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाया, वहीं कांग्रेस ने सरकार से कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ कोई समझौता नहीं होना चाहिए। इस विवाद ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर राजनीति होनी चाहिए, या सभी दलों को एकजुट होकर देशहित में बात करनी चाहिए।
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