
Sindoor : जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में देश की कई महिलाओं का सिन्दूर मिट गया, माता-पिता से उनका बेटा छिन गया। इसी का बदला लेते हुए भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पकिस्तान में मौजूद आतंकियों के 9 ठिकानों को तहस नहस कर दिया। जिससे पूरे देश के सीने में लगी आग को कुछ ठंडक मिली। देश में अधिकतर महिलाएं शादी के पश्चात अपनी मांग में सिन्दूर लगाती है। सिन्दूर को सुहाग की निशानी के रूप में जाना जाता है। परन्तु क्या आप जानते है कि सिन्दूर कैसे बनता है? अगर नहीं तो आज हमारे इस लेख में इसी बारे में जानकारी दी गई है।
इस पेड़ पर लगे फलों से बनता है असली सिन्दूर-
आपको जानकर हैरानी होगी कि असली सिन्दूर किसी रंग या केमिकल से नहीं बनता बल्कि देश में इसके पेड़ों की खेती की जाती है। इसके पेड़ों को ‘कुमकुम ट्री’ कहा जाता है। इसको ‘कमील ट्री’ के नाम से भी जाना जाता है। सिन्दूर बनाने के लिए इस पौधे के फलों का इस्तेमाल होता है। इसके फलों के बीज को पीसकर ‘असली सिन्दूर’ बनाया जाता है।
यहां होती है सिन्दूर की खेती
आपको बता दें की भारत में सिन्दूर बनाने के लिए इसकी खेती की जाती है। देश के 2 राज्यों महाराष्ट्र और हिमाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में इसकी खेती होती है। आपको बता दें की हर्बल लिपस्टिक बनाने में भी इसके बीजों का इस्तेमाल किया जाता है।
इस देश में भी मिलता है सिन्दूर-
भारत के साथ-साथ साउथ अमेरिका में ‘कुमकुम ट्री’ देखने को मिल जाता है। इसके पेड़ों की ऊंचाई 25 फुट तक रह सकती है। कुमकुम ट्री पर लगे फलों का रंग शुरुआत में हरा होता है लेकिन जब फल पकता है तो इसका रंग बदल के लाल रंग में तब्दील हो जाता है।