पंजाब डेस्क: भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव और जम्मू-कश्मीर में उत्पन्न आपातकालीन स्थिति के मद्देनज़र, पीजीआई चंडीगढ़ ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अपनी विशेषज्ञ टीम को जम्मू-कश्मीर भेजने का निर्णय लिया है। यह टीम देश के सबसे अग्रणी मेडिकल संस्थान में से एक से भेजी जा रही है, जो घायलों के उपचार और अन्य चिकित्सा सेवाओं में सहायता प्रदान करेगी।
इस टीम में विशेषज्ञ डॉक्टर, नर्सिंग ऑफिसर और ट्रांसपोर्ट सपोर्ट स्टाफ शामिल हैं, जो मेडिकल राहत प्रदान करने के लिए तैयार हैं। टीम का नेतृत्व जीएमसी जम्मू के प्रिंसिपल-कम-डीन डॉ. आशुतोष गुप्ता करेंगे।
-आपातकालीन चिकित्सा सहायता की प्राथमिकता
पीजीआई चंडीगढ़ के निदेशक, डॉ. विवेक लाल ने इस कदम की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि भेजी गई टीम हर स्थिति का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उनका मुख्य उद्देश्य घायलों की जान बचाना और आपातकालीन स्थिति को प्रभावी तरीके से संभालना है। डॉ. लाल ने यह भी बताया कि पीजीआई के सभी आपातकालीन विभागों को हाई अलर्ट पर रखा गया है, और विशेष रूप से एडवांस ट्रॉमा सेंटर में उपचार की उच्चतम सुविधाओं की तैयारी की गई है।
-टीम में हैं शामिल प्रमुख विशेषज्ञ
एनेस्थीसिया विभाग : डॉ. अमित शर्मा और डॉ. सचिन
जनरल और वैस्कुलर सर्जरी : डॉ. स्वप्नेश साहू और डॉ. गोकुल कृष्णन
ऑर्थोपेडिक्स : डॉ. हिमांशु कंवर और डॉ. उदित के. जयंत
प्लास्टिक सर्जरी: डॉ. महेश और डॉ. सचिन सी. नायर
नर्सिंग स्टाफ में नरिंदर त्यागी और रमेश कुमार को विशेष रूप से चिकित्सा देखभाल प्रदान करने के लिए भेजा गया है, जबकि ट्रांसपोर्ट सपोर्ट के लिए शिवनाथ, प्रदीप कुमार और लखवीर सिंह को टीम में शामिल किया गया है।
-दीक्षांत समारोह स्थगित
सामाजिक और सुरक्षा कारणों के चलते, राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल सेक्टर-32 (जीएमसीएच) ने 11वां दीक्षांत समारोह स्थगित करने का फैसला लिया है। पहले इस समारोह में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के आने की संभावना थी, लेकिन बढ़ती चिंताओं और राष्ट्रीय सुरक्षा स्थिति को देखते हुए कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया है। नए समारोह की तिथि का निर्धारण वर्तमान परिस्थितियों के सामान्य होने के बाद किया जाएगा।
-समाज की सेवा में पीजीआई चंडीगढ़ का योगदान
यह कदम पीजीआई चंडीगढ़ की समाज सेवा और संकट की घड़ी में योगदान देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। टीम की तत्परता, चिकित्सा सहायता और समर्पण निश्चित रूप से प्रभावित क्षेत्रों में जीवन रक्षक सिद्ध होगी। आखिरकार, यह घटना एक महत्वपूर्ण उदाहरण है कि कैसे चिकित्सा संस्थान और उनकी टीमों का प्रयास संकट की घड़ी में बेहद महत्वपूर्ण साबित होता है। पीजीआई चंडीगढ़ ने अपने कर्मचारियों और अधिकारियों को इस तरह की आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार रखा है, और उम्मीद जताई जा रही है कि उनकी मदद से जल्द ही जम्मू-कश्मीर में स्थिति सामान्य हो सकेगी।
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