नेशनल डेस्क : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज लखनऊ में ब्रह्मोस एयरोस्पेस इंटीग्रेशन और टेस्टिंग फैसिलिटी का वर्चुअल उद्घाटन किया। इस उद्घाटन के मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ में मौजूद थे। यह कदम न केवल राज्य के रक्षा क्षेत्र को नया आयाम देगा, बल्कि भारत-पाकिस्तान के बीच मौजूद तनाव के संदर्भ में देश की सामरिक तैयारियों को भी मजबूत करेगा। आइए जानत है इस खबर को विस्तार से…
#WATCH | Delhi: Defence Minister Rajnath Singh inaugurates BrahMos Aerospace Integration and Testing Facility in Lucknow, Uttar Pradesh via video conferencing. pic.twitter.com/cmtIHrJte5
— ANI (@ANI) May 11, 2025
इस अवसर पर मुझे अत्यधिक खुशी…
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ब्रह्मोस एकीकरण और परीक्षण सुविधा केंद्र के उद्घाटन के अवसर पर अपने संबोधन में कहा, “आज इस ऐतिहासिक मौके पर ब्रह्मोस के इस महत्वपूर्ण सुविधा केंद्र के उद्घाटन के अवसर पर आपसे बात करके मुझे अत्यधिक खुशी हो रही है। मैं व्यक्तिगत रूप से इस आयोजन का हिस्सा बनना चाहता था, लेकिन आप जानते हैं कि वर्तमान समय में मैं क्यों उपस्थित नहीं हो सका। हम जिस चुनौतीपूर्ण स्थिति का सामना कर रहे हैं, उसे देखते हुए मेरे लिए दिल्ली में रहना अत्यंत महत्वपूर्ण था। इसलिए, मैं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आपसे जुड़ रहा हूं और इस महत्वपूर्ण कदम को देखने का अवसर प्राप्त कर रहा हूं।”
CM योगी आदित्यनाथ का महत्वपूर्ण बयान
इस मौके पर, उत्तर प्रदेश के सीएम योगी भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ब्रह्मोस मिसाइल की शक्ति को विशेष रूप से सराहा और इस सफलता के लिए सभी जवानों, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को बधाई दी। उन्होंने कहा, “हमने ब्रह्मोस मिसाइल के लिए 200 एकड़ भूमि दी है, और अब यहां मिसाइल निर्माण का कार्य शुरू होगा। ब्रह्मोस की ताकत आपने ऑपरेशन सिंदूर में देखी होगी, और अगर आपने नहीं देखा है तो पाकिस्तान से पूछ लीजिए कि ब्रह्मोस मिसाइल की ताकत क्या है।”
ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण का महत्व
यह नई फैसिलिटी उत्तर प्रदेश के रक्षा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी। ब्रह्मोस एयरोस्पेस द्वारा बनाई जा रही इंटीग्रेशन और टेस्टिंग फैसिलिटी मिसाइलों की गुणवत्ता और उनके परीक्षणों को सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाएगी। यह सुविधा भारत की सामरिक क्षमता को और अधिक सशक्त बनाएगी और भविष्य में रक्षा उत्पादों के उत्पादन में सहायक सिद्ध होगी।
पीएम मोदी का डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विजन
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2018 में उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की परिकल्पना की थी। इसका मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश को रक्षा क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करना है। इस परियोजना के तहत लखनऊ, कानपुर, अलीगढ़, आगरा, झांसी, और चित्रकूट जैसे जिलों को 6 प्रमुख नोड्स के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां बड़े पैमाने पर निवेश हो रहा है, जिससे राज्य के रक्षा उत्पादन क्षेत्र को एक नई दिशा मिलेगी।
उत्तर प्रदेश में हो रहा बड़ा निवेश
इस परियोजना के तहत, उत्तर प्रदेश में रक्षा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए निवेश जारी है, जो न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाएगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न करेगा। यह राज्य को रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण के लिए नई फैसिलिटी का उद्घाटन उत्तर प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक पल है। इस कदम से न केवल राज्य के रक्षा क्षेत्र को मजबूती मिलेगी, बल्कि भारत की सामरिक ताकत भी मजबूत होगी। पीएम मोदी की डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की परिकल्पना से उत्तर प्रदेश का रक्षा क्षेत्र देश के प्रमुख केंद्रों में से एक बन सकता है।
मेष: दिन शुभ रहेगा...