
नेशनल डेस्क : 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमल के बाद से भारत सरकार ने पाकिस्तान पर लगाम लगाना शुरू कर दिया था। वहीं इस मामले को गंभीरता से लेते हुए भारत सरकार ने पाकिस्तान के ऊपर कार्रवाई भी की। जिसके बाद अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने दोनों देशों के बीच समझौता करवाया। साथ ही डोनालड ट्रंप ने खुद अपने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर बताया कि दोनों देशों के बीच सीजफायर हो गया है। ऐसे में आज भारत-पाकिस्तान के बीच DGMO (डायरेक्टर जनरल मिलिट्री ऑपरेशंस) स्तर की वार्ता होने जा रही है। रविवार को लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने बताया कि सोमवार को दोपहर करीब 12 बजे पाकिस्तान के DGMO के साथ यह बैठक होगी। इस बैठक को लेकर रक्षा विशेषज्ञ संजीव श्रीवास्तव ने अपने विचार रखे हैं। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
रक्षा विशेषज्ञ संजीव श्रीवास्तव का बयान
उत्तर प्रदेश के वाराणसी निवासी रक्षा विशेषज्ञ संजीव श्रीवास्तव ने भारत-पाकिस्तान के बीच DGMO स्तर की वार्ता पर अपनी राय साझा की। उन्होंने कहा कि यह बैठक दोनों देशों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इस बैठक में सबसे महत्वपूर्ण बिंदु यह होगा कि सीजफायर को लेकर बनी सहमति पर ध्यान दिया जाए। इसके साथ ही यह भी तय किया जाएगा कि सीजफायर को स्थायी और प्रभावी कैसे बनाया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी पक्ष द्वारा इसका उल्लंघन न हो।
सुरक्षा और सीमा पर शांति बनाए रखने…
संजीव श्रीवास्तव ने यह भी कहा कि बैठक में पाकिस्तान द्वारा किसी भड़काऊ कदम उठाने की संभावना को लेकर चर्चा की जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पाकिस्तान इस सहमति का उल्लंघन न करे और सीमा पर फिर से तनाव पैदा न हो। उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा और सीमा पर शांति बनाए रखने के लिए यह बातचीत बेहद अहम होगी, और उन्हें उम्मीद है कि बैठक का परिणाम सकारात्मक होगा।
#WATCH | Varanasi, UP: India-Pakistan to hold DGMO-level talks today
Defence Expert Sanjeev Srivastava says, ” This meeting is very important, the focus will be on the understanding reached between India and Pakistan, how to continue this and make it permanent…to ensure that… pic.twitter.com/QyjzVKWRmN
— ANI (@ANI) May 12, 2025
यह बैठक क्यों महत्वपूर्ण है?
यह बैठक भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव और युद्ध की स्थिति के बीच हो रही है। पिछले कुछ समय से दोनों देशों के बीच सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार संघर्ष और गोलीबारी की घटनाएं बढ़ी हैं। ऐसे में DGMO स्तर पर वार्ता दोनों देशों के सैन्य प्रमुखों को एक मंच पर लाकर तनाव को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
इस बैठक में सीजफायर की सहमति को लेकर दोनों देशों के DGMOs आपस में चर्चा करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि भविष्य में ऐसी घटनाएं फिर से न हों। इसके साथ ही एलओसी (लाइन ऑफ कंट्रोल) पर सीमा की स्थिति को भी ठीक से समझा और हल किया जा सकता है।
द्विपक्षीय समझौतों का उल्लंघन
रक्षा विशेषज्ञों की उम्मीद है कि इस बैठक में पाकिस्तान की ओर से किए गए कुछ द्विपक्षीय समझौतों के उल्लंघन पर भी चर्चा हो सकती है। पिछले दिनों पाकिस्तान द्वारा सीमा पर गोलीबारी और अन्य तनावपूर्ण गतिविधियों को लेकर भारत ने गंभीर चिंता जताई थी। ऐसे में यह बैठक दोनों देशों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर हो सकती है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकी जा सकें।
यह बैठक न केवल सीजफायर की सहमति को जारी रखने के लिए बल्कि सीमा पर शांति बनाए रखने के लिए भी महत्वपूर्ण है। दोनों देशों के सैन्य प्रमुखों की बातचीत से यह उम्मीद की जा रही है कि भविष्य में सीमा पर तनाव कम हो सके और युद्ध जैसी स्थिति से बचा जा सके। हालांकि, संजीव श्रीवास्तव ने कहा कि बैठक का परिणाम क्या होगा, यह समय ही बताएगा, लेकिन दोनों देशों के लिए इस वार्ता का एक सकारात्मक परिणाम बहुत महत्वपूर्ण होगा।