नेशनल डेस्क : ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद आज पहली बार भारतीय थल सेना के प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरे का उद्देश्य न केवल सैनिकों का मनोबल बढ़ाना था, बल्कि सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा भी करना था। उन्होंने कोणार्क कॉर्प्स के अग्रिम मोर्चे जैसलमेर के लोंगेवाला पोस्ट का दौरा किया, जो रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
जवानों से मुलाकात कर बढ़ाया हौसला
दरअसल, लोंगेवाला में आर्मी चीफ ने उन वीर जवानों से मुलाकात की जिन्होंने हाल ही में पाकिस्तान की ओर से आतंकवाद फैलाने की साजिशों को नाकाम किया। जनरल द्विवेदी ने जवानों की तैयारियों की समीक्षा की, उन्हें बधाई दी, और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाकर देशभक्ति का जोश भर दिया। उन्होंने कहा कि सेना हमेशा किसी भी खतरे का मुकाबला करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
लोंगेवाला पोस्ट का ऐतिहासिक महत्व
लोंगेवाला पोस्ट, जैसलमेर ज़िले में स्थित है और यह भारत-पाकिस्तान सीमा के पास स्थित है। यह वही स्थान है जहां 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान 4 से 7 दिसंबर के बीच भीषण लड़ाई हुई थी। इस युद्ध में केवल 120 भारतीय जवानों ने बहादुरी से 3,000 पाकिस्तानी सैनिकों और 46 टैंकों के हमले का डटकर मुकाबला किया था। इस युद्ध में भारत को जीत मिली और यही लड़ाई हिंदी फिल्म “बॉर्डर” का आधार बनी थी।
#GeneralUpendraDwivedi, #COAS today visited #Laungewala, a site where bravery & sacrifice are etched in the nation’s history. He emphasized that the iconic battleground symbolizes the unwavering spirit and valour of the soldiers who defended the motherland against overwhelming… pic.twitter.com/ijzOC7ANqD
— ADG PI – INDIAN ARMY (@adgpi) May 19, 2025
CDS जनरल अनिल चौहान ने भी किया दौरा
थल सेना प्रमुख के बाद चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने भी सीमावर्ती क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने सूरतगढ़ सैन्य स्टेशन और नलिया वायुसेना स्टेशन का दौरा किया। इन दोनों ठिकानों को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। जनरल चौहान ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सैनिकों द्वारा दिखाए गए साहस की सराहना की और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए सतर्क और तैयार रहने को कहा।
CDS Gen Anil Chauhan visited Suratgarh Military Station & Naliya Air Force Station, two strategically important military bases in the forward area, reaffirming the nation’s gratitude towards its armed forces.
CDS praised the unwavering courage and professionalism of troops in… pic.twitter.com/iJb3ZueeFl
— Ministry of Defence, Government of India (@SpokespersonMoD) May 19, 2025
आतंक के खिलाफ भारत की निर्णायक रणनीति
ऑपरेशन सिंदूर और उसके बाद सेना प्रमुखों के दौरों से यह स्पष्ट हो गया है कि भारत अब आतंक के खिलाफ “नो टॉलरेंस” नीति पर काम कर रहा है। चाहे सीमा पार के आतंकी ठिकानों को नष्ट करना हो या अग्रिम मोर्चों की तैयारियां, भारत अब हर मोर्चे पर पूरी तरह सजग और सक्रिय है।