चीन और नेपाल के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 70वीं वर्षगांठ के अवसर पर, 20 मई को, दोनों देशों के उच्च स्तरीय थिंक टैंकों ने नेपाल की राजधानी काठमांडू में एक संगोष्ठी आयोजित की, जिसमें द्विपक्षीय रणनीतिक सहयोगी साझेदारी विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा की गई।
इस संगोष्ठी का आयोजन नेपाल सरकार के थिंक टैंक “पॉलिसी इंस्टीट्यूट” और चीनी सामाजिक विज्ञान अकादमी के एशिया-प्रशांत एवं वैश्विक रणनीति संस्थान द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था। दोनों देशों के सरकारी अधिकारियों, विशेषज्ञों और विद्वानों ने संगोष्ठी में दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहकारी साझेदारी के विकास और संभावनाओं की समीक्षा की और इसके लिए तत्परता दिखाई।
नेपाल के विदेश सचिव अमृत बहादुर राय ने अपने भाषण में कहा कि नेपाल-चीन संबंध लगातार विकास हो रहे हैं। साल 2019 में, दोनों देशों के संबंध विकास और समृद्धि के उन्मुख चिरस्थायी मित्रता की रणनीतिक सहकारी साझेदारी में उन्नत हुए हैं। यह संगोष्ठी दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहकारी साझेदारी को मजबूत करने के लिए नए अवसरों की समीक्षा और खोज के लिए एक मंच प्रदान करती है। उन्हें विश्वास है कि यह संगोष्ठी बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य और नेपाल तथा चीन के समक्ष उपस्थित चुनौतियों के संबंध में नई अंतर्दृष्टि प्रदान करेगी।
वहीं, नेपाल स्थित चीनी दूतावास के काउंसलर वांग शिन ने अपने भाषण में कहा कि उन्हें उम्मीद है कि दोनों देशों के थिंक टैंक राष्ट्रीय टीम की भूमिका निभाते हुए इस संगोष्ठी के आयोजन से लाभ उठा कर चीनी और नेपाली थिंक टैंकों के बीच आदान-प्रदान को और गहरा करेंगे, धीरे-धीरे थिंक टैंक संगोष्ठी के स्तर में सुधार करेंगे, ताकि चीन-नेपाल संबंधों के विकास के लिए लगातार नीतिगत सिफारिशें और बौद्धिक समर्थन प्रदान किया जा सके।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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