नेशनल डेस्क: भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने हाल ही में आयोजित वार्षिक बिजनेस समिट 2025 में भाग लिया। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि भारत अब सिर्फ शब्दों से नहीं, बल्कि अपने मजबूत इरादों से जवाब देता है। एयर चीफ मार्शल ने कहा, ”एक बार जो हमने कमिट किया है, फिर मैं अपने आप की भी नहीं सुनता।” यह बयान पाकिस्तान को सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर हमारी जीत का प्रतीक है और यह साबित करता है कि आज की भारतीय वायुसेना किसी भी चुनौती के लिए तैयार है।
वायु शक्ति है हर ऑपरेशन की रीढ़
उन्होंने कहा कि आज के युद्धों में वायुसेना की भूमिका सबसे अहम है। चाहे जमीन पर हो या समुद्र में, वायुसेना के बिना कोई भी ऑपरेशन सफल नहीं हो सकता। ऑपरेशन सिंदूर इसका बड़ा उदाहरण है। एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने भारतीय रक्षा उद्योग को लेकर कहा, ”हमें अब सिर्फ उत्पाद बनाना नहीं, बल्कि डिज़ाइन और रिसर्च भी भारत में ही करनी चाहिए। देश की सेनाओं और घरेलू उद्योगों के बीच भरोसे को मजबूत करना बेहद जरूरी है। आने वाले समय में भारत को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है।”
AMCA प्रोजेक्ट और निजी उद्योग की भागीदारी
उन्होंने बताया कि एएमसीए (Advanced Medium Combat Aircraft) प्रोजेक्ट को अब निजी कंपनियों के साथ मिलकर विकसित किया जाएगा। इससे रक्षा क्षेत्र में निजी भागीदारी बढ़ेगी और देश को नई ऊंचाई मिलेगी। वायुसेना प्रमुख ने पंजाबी परंपरा ‘दसवंध’ का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे हम अपनी कमाई का 10% समाज को देते हैं, वैसे ही अब हमें अपनी आय का हिस्सा रक्षा और अनुसंधान क्षेत्र (R\&D) में भी लगाना चाहिए।
आत्मनिर्भर भारत ही भविष्य का रास्ता
उन्होंने कहा कि पहले रक्षा उत्पादों के लिए भारत को विदेशी कंपनियों पर निर्भर रहना पड़ता था। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। आज की दुनिया की स्थिति ने हमें यह सिखाया है कि ‘आत्मनिर्भरता’ ही एकमात्र रास्ता है। एयर चीफ मार्शल ने कहा कि बहुत बार प्रोजेक्ट की समयसीमा तय होने के बावजूद काम समय पर पूरा नहीं होता। यह एक गंभीर मुद्दा है जिस पर ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि हमें ऐसे वादे नहीं करने चाहिए जो पूरे नहीं हो सकते।
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