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Delhi Police के हाथ लगी बड़ी कामयाबी, PAK जासूस कासिम के बाद उसका भाई असीम चढ़ा पुलिस के हत्थे

May 31, 2025

Delhi Police के हाथ लगी बड़ी कामयाबी, PAK जासूस कासिम के बाद उसका भाई असीम चढ़ा पुलिस के हत्थे

नेशनल डेस्क : राजस्थान के डीग इलाके से कुछ दिन पहले एक मौलवी कासिम को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया था। कासिम पर आरोप है कि वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए भारत में जासूसी कर रहा था। पुलिस को जानकारी मिली थी कि कासिम पाकिस्तान को भारतीय सेना से जुड़ी अहम जानकारियाँ भेज रहा था। चूंकि वह एक धार्मिक व्यक्ति था, इसलिए लोगों को उस पर शक नहीं हुआ और वह काफी समय तक आसानी से काम करता रहा। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…

अब कासिम का भाई असीम भी शक के घेरे में

आपको बता दें कि कासिम की गिरफ्तारी के कुछ दिन बाद अब उसके भाई असीम को भी दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हिरासत में लिया है। असीम को राजस्थान से पकड़ा गया है, हालांकि उसे अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। फिलहाल उससे गहराई से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि वह भी ISI के लिए जासूसी कर रहा था या नहीं। शुरुआती जांच में पता चला है कि असीम के जरिए ही ISI ने कासिम को अपने जाल में फंसाया था।

ISI ने असीम के जरिए कासिम को बनाया एजेंट

पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि कासिम को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI तक पहुंचाने में उसके भाई असीम का बड़ा रोल था। असीम के संपर्क में ISI के एजेंट पहले से थे और उन्होंने कासिम को असीम के जरिये तैयार किया। ISI को लगा कि कासिम मौलवी है और अगर वह जासूसी करेगा तो कोई उसे संदेह की नजर से नहीं देखेगा। इस सोच के चलते कासिम को चुना गया।

कासिम को पाकिस्तान में मिली थी ट्रेनिंग

दिल्ली पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में कासिम ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि उसे पाकिस्तान के लाहौर में एक आर्मी कैंप में ट्रेनिंग दी गई थी। इस ट्रेनिंग में ISI के तीन अधिकारी शामिल थे। इनमें से दो के कोड नेम शाहजी और ताऊजी थे, जबकि तीसरे अधिकारी की पहचान वकास के नाम से हुई है। कासिम ने बताया कि उसे भारत में सेना की गतिविधियों पर नजर रखने और जानकारी भेजने की ट्रेनिंग दी गई थी।

असीम भी कर रहा था सेना की जासूसी

पुलिस को असीम के खिलाफ भी पक्के सबूत मिले हैं कि वह भारतीय सेना की गतिविधियों पर नजर रख रहा था। असीम राजस्थान के अलवर स्थित आर्मी स्टेशन की रेकी करता था। वह सेना के वाहनों की तस्वीरें खींचता और उनके मूवमेंट की जानकारी ISI को भेजता था। इससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि वह भी कासिम की तरह पूरी तरह से ISI के संपर्क में था और सक्रिय रूप से जासूसी कर रहा था।

पूछताछ जारी, हो सकते हैं और भी बड़े खुलासे

अभी दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल दोनों भाइयों से लगातार पूछताछ कर रही है। दोनों के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया और बाकी डिजिटल सबूतों की भी जांच की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। यह भी संभावना है कि इनके संपर्क में और लोग होंगे जो देश विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं।

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