
नेशनल डेस्क : महाराष्ट्र सरकार ने 2027 में होने वाले नासिक कुंभ मेले की तैयारियों को तेजी से आगे बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्वयं नासिक पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया और एक महत्वपूर्ण बैठक में भाग लिया। इस बैठक में 13 अखाड़ों के प्रमुख, साधु-संत, कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इसके साथ ही अमृत स्नान के तारीखों का ऐलान भी कर दिया गया है। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
गोदावरी नदी की पवित्रता
कुंभ मेले में सबसे ज्यादा ध्यान गोदावरी नदी की शुद्धता और पवित्रता पर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए:
1. सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) बनाए जा रहे हैं।
2.नदी में गंदा पानी जाने से रोका जाएगा।
3.नदी में केवल 100% शुद्ध और स्नान योग्य जल प्रवाहित होगा।
4.खास निगरानी और व्यवस्था की जा रही है।
श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाओं का वादा
सरकार का ध्यान यह सुनिश्चित करने पर है कि कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं और अखाड़ों की सभी ज़रूरतें पूरी हों। इसमें शामिल हैं:
1.स्वच्छ पेयजल, शौचालय और स्वास्थ्य सेवाएं।
2.विशेष घाटों का निर्माण, ताकि स्नान करना सुगम हो।
3.आवास व्यवस्था, जैसे टेंट सिटी।
4.यातायात की बेहतर योजना और भीड़ नियंत्रण के उपाय।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2027 का कुंभ मेला लंबे समय तक चलेगा, और अलग-अलग स्नान तिथियों के कारण श्रद्धालु समय बाँटकर आएंगे, जिससे भीड़ भी नियंत्रित रहेगी।
लेकिन नासिक के सामने जमीन की चुनौती
सरकार प्रयागराज कुंभ की व्यवस्था और मॉडल का अध्ययन कर रही है ताकि नासिक कुंभ को भी दिव्य और भव्य बनाया जा सके। हालांकि, नासिक और त्र्यंबकेश्वर में जगह सीमित है, जबकि प्रयागराज में गंगा किनारे बड़े मैदान मौजूद हैं। इस चुनौती से निपटने के लिए मल्टी-लेवल लॉजिस्टिक प्लानिंग की जाएगी, टेंट सिटी, मोबाइल हॉस्पिटल, मोबाइल टॉयलेट्स, और बस शटल सिस्टम जैसी सुविधाएं तैयार की जाएंगी।
6500 करोड़ रुपये का इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान
मुख्यमंत्री ने बताया कि कुंभ मेले की तैयारियों के लिए लगभग 4000–4500 करोड़ रुपये की लागत से इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट होगा। 2000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त प्रोजेक्ट्स की भी योजना है। टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
अमृत स्नान की तिथियां घोषित
नासिक और त्र्यंबकेश्वर दोनों स्थानों के लिए कुंभ पर्व की शुरुआत और अमृत स्नान की तिथियां घोषित कर दी गई हैं:
नासिक कुंभ अमृत स्नान…
31 अक्टूबर 2026 – ध्वजारोहण के साथ कुंभ पर्व की शुरुआत
2 अगस्त 2027 – पहला अमृत स्नान
31 अगस्त 2027 – दूसरा अमृत स्नान
11 सितंबर 2027 – तीसरा अमृत स्नान
त्र्यंबकेश्वर कुंभ अमृत स्नान…
31 अक्टूबर 2026 – ध्वजारोहण के साथ कुंभ पर्व की शुरुआत
2 अगस्त 2027 – पहला अमृत स्नान
31 अगस्त 2027 – दूसरा अमृत स्नान
12 सितंबर 2027 – तीसरा अमृत स्नान
2027 नासिक कुंभ मेला को दिव्य, भव्य और संगठित बनाने के लिए राज्य सरकार धार्मिक भावनाओं, आधुनिक तकनीक, और प्रभावशाली व्यवस्था – तीनों का संतुलन बना रही है। आने वाले समय में यह मेला भारत की सांस्कृतिक ताकत और प्रशासनिक क्षमता का अनोखा उदाहरण बन सकता है।