Last Updated: October 5, 2026

Dainik Savera Times Logo

घड़े का पानी पीने के है कई फायदे, डॉक्टर भी देते है इस्तेमाल करने की सलाह

June 3, 2025

घड़े का पानी पीने के है कई फायदे, डॉक्टर भी देते है इस्तेमाल करने की सलाह

Benefits of Pot Water : देश के कई हिस्सों में लू, तेज धूप, उमस, भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। ऐसे में ठंडे पानी की जरूरत बढ़ जाती है। लोग फ्रिज का ठंडा पानी पीना पसंद करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके कई नुकसान भी हैं। इसके साथ ही डॉक्टर मटके का पानी पीने की सलाह देते हैं, जो कई मायनों में फायदेमंद होता है।

गर्मियों में अमृत है घड़े का पानी-
आयुर्वेद में मटके के पानी को अमृत कहा गया है। इसके साथ ही एलोपैथिक डॉक्टर भी इसके पानी के कई फायदे बताते हैं। मटके का पानी प्राकृतिक रूप से ठंडा रहता है, जो सेहत के लिए भी बेहतर होता है।

बीमार व्यक्ति भी पी सकता है मटके का पानी-
मटके में मिट्टी की खुशबू आती है, जो काफी अच्छी लगती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार मटके का पानी गले से लेकर आंतों तक के लिए अच्छा होता है। बीमार व्यक्ति भी मटके का पानी पी सकता है। इसके साथ ही मिट्टी के कारण इसमें कई पोषक तत्व भी पाए जाते हैं।

नुकसान नहीं पहुंचाता घड़े का पानी-
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि मटके में मिट्टी होने के कारण पानी में मौजूद अशुद्धियां दूर हो जाती हैं। मटके का पानी शरीर को विषैले तत्वों से मुक्त करके इम्यून सिस्टम को भी बेहतर बनाता है। जहां फ्रिज का पानी गले में खराश, गर्मी से जुड़ी बीमारियों या कई अन्य समस्याओं का कारण बनता है, वहीं मिट्टी के घड़े का पानी किसी भी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाता।

पानी में बढ़ जाते हैं मिनरल्स-
गर्मियों में हाइड्रेट रहने के लिए घड़े का पानी एक सस्ता और अच्छा तरीका है। इसका पानी प्राकृतिक रूप से ठंडा होता है। सबसे अच्छी बात यह है कि घड़े के पानी में मिनरल्स बढ़ जाते हैं, जबकि फ्रिज के पानी में मिनरल्स कम हो जाते हैं।

शरीर का तापमान रहता है नियंत्रित-
मिट्टी के घड़े में क्षारीय गुण होते हैं, जो शरीर के पीएच लेवल को संतुलित रखते हैं। मिट्टी के घड़े का पानी पीने से पाचन तंत्र स्वस्थ रहता है और इम्यून सिस्टम भी मजबूत होता है। मिट्टी के घड़े के पानी में किसी भी तरह के केमिकल नहीं होते, जिससे यह पूरी तरह सुरक्षित है। गर्मियों में इसे पीने से शरीर का तापमान भी नियंत्रित रहता है।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें