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Mount Etna Eruption : माउंट एटना में हुआ बड़ा विस्फोट, कांप उठी धरती, चारों तरफ मची अफरातफरी, देखें Video

June 4, 2025

Mount Etna Eruption : माउंट एटना में हुआ बड़ा विस्फोट, कांप उठी धरती, चारों तरफ मची अफरातफरी, देखें Video

नेशनल डेस्क : दुनिया के सबसे सक्रिय ज्वालामुखियों में से एक माउंट एटना एक बार फिर से 2 जून 2025 को अचानक फट पड़ा। यूरोप में स्थित यह ज्वालामुखी पहले भी कई बार फट चुका है, लेकिन इस बार इसका विस्फोट काफी तेज और खतरनाक था। विस्फोट के बाद आसमान में घने धुएं और राख के बादल छा गए, जिससे स्थानीय लोगों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जाना पड़ा। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…

कहां है माउंट एटना और क्यों है यह खास?

आपको बता दें कि माउंट एटना इटली के सिसिली द्वीप के पूर्वी हिस्से में स्थित है। यह एक द्वीपीय (आइलैंड) पहाड़ी है, जिसकी ऊंचाई लगभग 3400 मीटर है और इसका क्षेत्रफल करीब 19,237 हेक्टेयर है। यह इलाका पूरी तरह संरक्षित है और वैज्ञानिक रूप से बेहद अहम माना जाता है। इस ज्वालामुखी को यूनेस्को ने साल 2013 में वर्ल्ड हेरिटेज साइट यानी विश्व धरोहर स्थल घोषित किया था। यहां कोई नहीं रहता, क्योंकि यह इलाका हमेशा ज्वालामुखीय गतिविधियों से प्रभावित रहता है।

इतिहास और वैज्ञानिक दृष्टिकोण

यूनेस्को के अनुसार, माउंट एटना का इतिहास 5 लाख साल पुराना है। वैज्ञानिकों को इसके 2700 साल पुराने विस्फोटों का भी रिकॉर्ड मिला है। यह ज्वालामुखी लगातार किसी न किसी रूप में सक्रिय रहा है। इसके बार-बार फटने का असर भूभौतिकी (geophysics) और ज्वालामुखी विज्ञान (volcanology) पर भी देखा गया है, जिससे धरती की संरचना को समझने में मदद मिलती है।

इतने बार क्यों फटता है माउंट एटना?

माउंट एटना का बार-बार फटना प्राकृतिक प्लेटों के टकराव की वजह से होता है। इसके नीचे दो बड़ी महाद्वीपीय प्लेटें—अफ्रीकी प्लेट और यूरेशियन प्लेट—मिलती हैं। जब ये प्लेटें धरती के अंदर एक-दूसरे से रगड़ खाती हैं, तो ऊर्जा का दबाव बनता है, जिससे लावा और गैसें ऊपर निकलती हैं और ज्वालामुखी फटता है।

पर्यावरण पर असर और गैस उत्सर्जन

कैलिफोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों के अनुसार, माउंट एटना दुनिया का सबसे ज्यादा गैस छोड़ने वाला ज्वालामुखी है। यह भारी मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड वातावरण में छोड़ता है। भले ही यह कोई सबसे ऊंचा या विशाल ज्वालामुखी नहीं है, लेकिन इससे निकलने वाली गैसें जलवायु परिवर्तन को तेज कर सकती हैं। अगर धरती पर कई माउंट एटना जैसे ज्वालामुखी हों, तो ग्लोबल वॉर्मिंग और भी तेज हो सकती है।

राख के कारण बार-बार बंद होता एयरपोर्ट

पिछले कुछ सालों में माउंट एटना के विस्फोटों के कारण कई बार कैटेनिया एयरपोर्ट को बंद करना पड़ा है:

  • जुलाई 2024 में हुए विस्फोट में हवा में राख फैलने से एयरपोर्ट अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा।
  • अगस्त 2024 में 5 किलोमीटर तक राख के बादल फैल गए थे, जिससे उड़ानें बाधित हुईं।
  • फरवरी 2025 में लावा बहने लगा, जिससे हवाई यातायात को डायवर्ट करना पड़ा।

हर बार ज्वालामुखी फटने से हवाई सफर पर भी असर पड़ता है।

पौराणिक मान्यताएं भी हैं दिलचस्प

ग्रीक पौराणिक कथाओं के अनुसार, माउंट एटना के नीचे एक खतरनाक राक्षस टायफॉन दबा हुआ है। ऐसा कहा जाता है कि देवताओं के राजा जीउस ने टायफॉन को हराकर इसी पहाड़ी के नीचे बंद कर दिया था। जब वह छटपटाता है, तभी ज्वालामुखी फटता है। इसके अलावा, यह भी कहा जाता है कि पहाड़ी के नीचे लोहारों के देवता हेफेस्टस की कार्यशाला है, जहां वे हथियार बनाते हैं। जब वे हथौड़ा चलाते हैं, तो धरती कांपती है और ज्वालामुखी से आग और धुआं निकलता है।

माउंट एटना सिर्फ एक ज्वालामुखी नहीं, बल्कि प्रकृति, विज्ञान और पौराणिकता का अद्भुत संगम है। यह हमें यह समझने में मदद करता है कि धरती के भीतर क्या चल रहा है और साथ ही यह भी कि इंसान को प्रकृति की ताकत का हमेशा सम्मान करना चाहिए। इसके लगातार सक्रिय रहने से वैज्ञानिकों को शोध का एक अनमोल स्रोत मिलता है, लेकिन साथ ही यह स्थानीय लोगों के लिए एक बड़ा खतरा भी है।

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