नेशनल डेस्क : बेंगलुरु, चिन्नास्वामी स्टेडियम में आईपीएल ट्रॉफी की जीत का जश्न उस वक्त एक दुखद घटना में बदल गया जब भारी भीड़ के कारण भगदड़ मच गई। अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 33 लोग घायल हुए हैं। घायलों का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में जारी है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि इस हादसे के कारण स्टेडियम के गेट तोड़े जाने से भगदड़ मच गई। विपक्ष द्वारा कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराए जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा, ऐसी घटनाएं कई जगह हुईं, कुंभ मेले में भी तो 50-60 लोग मर गए। मैंने आलोचना नहीं की। न मैंने ना मेरी सरकार ने उस वक्त कोई टिप्पणी की। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
घटना की तिथि और कारण
यह हादसा बुधवार, 4 जून को उस वक्त हुआ जब आईपीएल में आरसीबी की जीत का जश्न मनाने बड़ी संख्या में फैंस स्टेडियम के बाहर इकट्ठा हो गए थे। हादसा चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट नंबर 6 के पास हुआ, जहां अचानक भगदड़ मच गई। यह घटना उस समय हुई जब बिना किसी उचित व्यवस्था के भारी संख्या में लोग जमा हो गए थे, जिससे स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई।
घायलों और मृतकों की संख्या
अब तक इस हादसे में 11 लोगों की मौत हो चुकी है। ये मौतें अलग-अलग अस्पतालों में इलाज के दौरान हुईं।
-बॉरिंग अस्पताल में 6
-वैदेही अस्पताल में 4
-मणीपाल अस्पताल में 1
इसके अलावा, 33 लोग घायल हैं, जिनका इलाज अभी भी जारी है। अस्पतालों में घायलों के इलाज के लिए पूरी तवज्जो दी जा रही है। अस्पतालों के बाहर घायलों की भीड़ और स्टेडियम के पास फैले चप्पल-जूते इस बात का प्रमाण हैं कि हादसा कितना भयावह था।
राजनीतिक विवाद और सियासत
इस घटना पर सियासत भी गर्म हो गई है। विपक्ष ने आरोप लगाया है कि जब हादसा हो रहा था, तब सरकार और नेता खिलाड़ियों के साथ जश्न मना रहे थे। डिप्टी सीएम ने तो घटना के बाद भी सेल्फी लेनी जारी रखी। इस पर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने पलटवार करते हुए कहा, “कुंभ मेला जैसे आयोजनों में भी भगदड़ हुई थी, तब कोई आलोचना नहीं की गई। इस पर अब बात नहीं करनी चाहिए।” ऐसी घटनाएं कई जगह हुईं, कुंभ मेले में भी तो 50-60 लोग मर गए। मैंने आलोचना नहीं की। न मैंने ना मेरी सरकार ने उस वक्त कोई टिप्पणी की।
क्षमता केवल 35,000 लोगों की थी, लेकिन वहां…
उन्होंने बताया कि इस हादसे के कारण स्टेडियम के गेट तोड़े जाने से भगदड़ मच गई। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी भीड़ की उम्मीद किसी को नहीं थी, और यह स्थिति पूरी तरह से अप्रत्याशित थी। चिन्नास्वामी स्टेडियम की क्षमता केवल 35,000 लोगों की थी, लेकिन वहां लगभग 2 से 3 लाख लोग इकट्ठा हो गए थे। हालांकि, बेंगलुरु पुलिस ने पूरी ताकत के साथ सुरक्षा व्यवस्था की थी, फिर भी इतनी बड़ी भीड़ को संभालना मुश्किल हो गया।
प्रशासन की जिम्मेदारी
चिन्नास्वामी स्टेडियम में इस घटना के बाद, प्रशासन को अपनी सुरक्षा और इंतजामों को लेकर गंभीर सवालों का सामना करना पड़ा है। ये हादसा इस बात का सबूत है कि बड़े आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया जाना चाहिए। कर्नाटक सरकार ने घटना की न्यायिक जांच का आदेश दिया है और जल्द ही इसका कारण और जिम्मेदारों का पता लगाया जाएगा।
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