Last Updated: October 4, 2026

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पूर्वोत्तर भारत में बाढ़ और भूस्खलन का कहर: असम-अरुणाचल में हालात बेहद खराब, 50 लोगों की मौत

June 5, 2025

पूर्वोत्तर भारत में बाढ़ और भूस्खलन का कहर: असम-अरुणाचल में हालात बेहद खराब, 50 लोगों की मौत

नई दिल्ली: पूर्वोत्तर भारत में लगातार हो रही भारी बारिश ने बाढ़ और भूस्खलन का रूप ले लिया है। असम से लेकर मणिपुर तक के कई राज्यों में लोग परेशान हैं। कई जगहों पर फसलें नष्ट हो गई हैं, घर बह गए हैं और लोगों को राहत शिविरों में रहना पड़ रहा है।

असम और अरुणाचल में सबसे ज्यादा तबाही
असम और अरुणाचल प्रदेश की हालत सबसे ज्यादा खराब है। असम में बाढ़ और भूस्खलन की वजह से अब तक 19 लोगों की मौत हो चुकी है। पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में यह आंकड़ा 50 तक पहुंच गया है।
-अरुणाचल प्रदेश में 12
-मेघालय में 6
-मिजोरम में 5
-सिक्किम में 4
-त्रिपुरा में 2
-नागालैंड और मणिपुर में 1-1 मौत हुई है।

असम के 21 जिले बुरी तरह प्रभावित
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, राज्य के 21 जिलों में बाढ़ का असर है। अब तक 6.79 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हो चुके हैं। 1,494 गांवों में पानी भर गया है। 14,977 हेक्टेयर फसल की जमीन पानी में डूब गई है।

सबसे ज्यादा प्रभावित जिले:
श्रीभूमि: 2,59,601 लोग
हैलाकांडी: 1,72,439 लोग
नगांव: 1,02,716 लोग

राहत शिविरों में लोगों को दी जा रही है मदद
राज्य सरकार ने 190 राहत शिविरों की व्यवस्था की है, जहां करीब 39,746 लोग रह रहे हैं। इन शिविरों में भोजन, पानी और जरूरी दवाइयों की व्यवस्था की गई है।

बारिश थोड़ी कम, लेकिन खतरा बना हुआ
बुधवार को कुछ इलाकों में बारिश थोड़ी कम हुई, लेकिन अभी भी कई जगहों पर रातभर तेज बारिश होती रही। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि असम के कई हिस्सों में आने वाले दिनों में फिर से भारी बारिश हो सकती है। ब्रह्मपुत्र और अन्य 8 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। गुवाहाटी के मौसम विभाग ने बताया कि धुबरी, दक्षिण सलमारा-मनकाचर, ग्वालपारा और कोकराझार में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने का खतरा है।

अरुणाचल प्रदेश में गांवों का संपर्क टूटा
अरुणाचल प्रदेश के डिबांग वैली जिले में हालात बहुत खराब हैं। वहां एक पुल बह जाने से कई गांवों का संपर्क टूट गया है। प्रशासन अब ड्रोन और हेलिकॉप्टर के जरिए राहत सामग्री पहुंचाने की कोशिश कर रहा है।

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