बिहार डेस्क : शनिवार को बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने एक बेहद खास और अनोखा कदम उठाया। वे बिना किसी पूर्व जानकारी के पटना में युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय शिक्षक और यूट्यूबर “खान सर” से मिलने उनके कोचिंग संस्थान पहुँच गए। यह मुलाकात अचानक हुई, लेकिन काफी भावुक और प्रेरणादायक भी रही। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
बकरीद की बधाई देने पहुंचे राज्यपाल
VIDEO | Bihar Governor Arif Mohammad Khan visits Khan Sir’s Coaching Institute in Patna.
(Full video available on PTI Videos – https://t.co/n147TvrpG7 pic.twitter.com/LirvJyHtxb
— Press Trust of India (@PTI_News) June 7, 2025
आपको बता दें कि राज्यपाल बकरीद के मौके पर खान सर को बधाई देने के लिए खुद उनके संस्थान पहुंचे। इस दौरान उन्होंने खान सर से मुलाकात की, उनके कोचिंग संस्थान का दौरा किया और संस्थान के कामकाज को समझा। खान सर ने राज्यपाल को बताया कि उनका कोचिंग सेंटर कैसे काम करता है, यहां किस तरह से छात्रों को पढ़ाया जाता है और कैसे गरीब छात्रों को भी पढ़ाई का अवसर दिया जाता है।
खान सर की तारीफ करते दिखे राज्यपाल
इस खास मौके पर राज्यपाल ने मीडिया से बातचीत में खान सर की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा “मैंने खान सर को यूट्यूब पर भी देखा है। यह युवक बहुत अच्छा काम कर रहा है। वह गरीब छात्रों के लिए उम्मीद की किरण बना है।” राज्यपाल ने यह भी कहा कि जो छात्र फीस नहीं दे सकते, वे भी खान सर से पढ़ पा रहे हैं। इससे यह साफ है कि खान सर सिर्फ शिक्षा नहीं, सेवा भी कर रहे हैं।
VIDEO | Patna: Bihar Governor Arif Mohammad Khan on Eid-ul-Azha says, “People of Bihar and the entire country should celebrate festivals with love and affection. I firmly believe that every year, such occasions strengthen our relationships.”
He added, “I have seen Khan Sir on… pic.twitter.com/bWDqKKxHhu
— Press Trust of India (@PTI_News) June 7, 2025
प्यार और भाईचारे का संदेश
राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने त्योहारों को प्यार और एकता के साथ मनाने की बात कही। उन्होंने कहा “हर त्यौहार को प्रेम और सद्भाव से मनाना चाहिए। हमारी संस्कृति की यही खूबसूरती है।” उन्होंने खान सर को शुभकामनाएं दीं और कहा कि ईश्वर उन्हें और अधिक शक्ति दे ताकि वे समाज के लिए और भी बड़ा योगदान दे सकें।
समाज सेवा की प्रेरणा
राज्यपाल ने खान सर के काम को एक मिसाल बताया और कहा कि ऐसे शिक्षक ही आगे चलकर करुणा और सेवा भाव रखने वाले छात्र तैयार करते हैं, जो भविष्य में समाज का भला करेंगे। बिहार के राज्यपाल की यह मुलाकात सिर्फ एक औपचारिकता नहीं थी, बल्कि यह एक प्रेरणादायक क्षण था। इससे यह संदेश भी गया कि जब शिक्षा सच्चे इरादों से दी जाए, तो वो सरहदों और सीमाओं से ऊपर उठकर लोगों के दिलों तक पहुंचती है। खान सर न केवल एक शिक्षक हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले एक प्रेरणा स्रोत भी हैं।
राज्यपाल के आने पर बोले, खान सर
वहीं खान सर ने भी मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, “मैं बकरीद के अवसर पर सभी को शुभकामनाएं देना चाहता हूं। बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान हमारे कोचिंग संस्थान में आए और सभी को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने मुझे एक नए परिवार की शुरुआत करने पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कक्षाओं का दौरा किया और देखा कि कुछ आगे की बेंचें आरक्षित हैं। मैंने उनसे कहा कि वे बेंच विशेष रूप से विकलांग छात्रों के लिए हैं और वे मुफ्त में पढ़ते हैं।
मैं दहेज नहीं लूंगा और अगर मैं ऐसा…
इसके साथ ही उन्होंने कहा, वे जब केरल के राज्यपाल थे और जब वे डिग्री देने के लिए विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में जाते थे, तो वे छात्रों से एक हलफनामा पर हस्ताक्षर करवाते थे। इसमें लिखा होता था कि ‘मैं दहेज नहीं लूंगा और अगर मैं ऐसा करता हूं तो मेरी डिग्री जब्त कर ली जाएगी’। मुझे लगता है कि यह एक शानदार कदम है और इसे बिहार में भी लागू किया जाना चाहिए। और, सरकार को दहेज में ली जाने वाली गाड़ियों पर गुलाबी नंबर प्लेट लगानी चाहिए, ताकि लोगों को पता चले कि यह व्यक्ति गाड़ी खरीदने में सक्षम नहीं है और अपने ससुर के पैसे पर घूम रहा है।”