बरनाला। पंजाब के बरनाला के एक युवक ने सरकारी स्कूल में पढ़ाई करके सीमित संसाधनों के साथ जेईई एडवांस की परीक्षा पास की है। हाल में ही जेई एडवांस परीक्षा के नतीजे आए हैं, जिसमें पंजाब के कई बच्चों ने यह परीक्षा पास की है। बरनाला जिले के गांव सेखा के रहने वाले हरचंद दास का पूरे भारत रैंक 9972 रहा है। छोटे से किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले हरचंद दास ने अपनी पढ़ाई सरकारी स्कूल से की है और पंजाब सरकार द्वारा दी जा रही ऑनलाइन शिक्षा की मदद से इस परीक्षा की तैयारी भी की है। हरचंद दास के पिता किसान और मां घर पर सिलाई का काम करती हैं।
इस परीक्षा को पास करने के बाद हरचंद दास को चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री आवास पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विशेष रूप से सम्मानित भी किया है। इस उपलब्धि के बाद परिवार में खुशी का माहौल है। इस मौके पर हरचंद दास ने बताया कि मैं बरनाला जिले के गांव सेखा का रहने वाला हूं। मेरी उम्र 17 साल है और जेई एडवांस का पेपर पास करने के बाद मुझे कैटेगरी के हिसाब से ओबीसी से 9972वां रैंक मिला है।
उन्होंने बताया कि मैं भविष्य में बीटेक की पढ़ाई कर इंजीनियर बनना चाहता हूं। मैं साधारण परिवार से संबंध रखता हूं और मेरे पिता खेतीबाड़ी करते हैं। परिवार में मेरे अलावा दादा, दादी, माता, पिता और दो बड़ी बहनें हैं। मेरी माता घर के कामकाज के साथ-साथ सिलाई का काम भी करती हैं। मेरिटोरियस स्कूल पटियाला में सरकार द्वारा चलाई जा रही अवंती ऑनलाइन कोचिंग से मेरे लिए पेपर की तैयारी करना काफी आसान हो गया। हमें कोई एडवांस कोचिंग नहीं की। क्योंकि हमारा परिवार इतनी महंगी कोचिंग का खर्च नहीं उठा सकता था। इस सफलता के लिए मैं अपने माता-पिता और अध्यापक का धन्यावाद करना चाहूंगा। इस सफलता के पीछे मेरे मामा का बहुत योगदान है, क्योंकि जब मैं घर से दूर पटियाला में पढ़ाई कर रहा था, तो मेरे मामा मुझे हर वह सुविधा मुहैया करवाते थे, जिसकी मुझे बहुत जरूरत थी।
उन्होंने आगे कहा कि मेरिटोरियस स्कूल में मेरे अध्यापक ने मुझे जेई पेपर के बारे में बहुत समझाया, जिनकी मेहनत की बदौलत मैं आज इस मुकाम तक पहुंच पाया हूं। मैं इस पेपर के लिए पूरा समय पढ़ाई करता था, जबकि स्कूल के बाद पांच से छह घंटे पढ़ाई करता था। स्कूल इंचार्ज ने उन्हें रिजल्ट के बारे में बताया, जिसके बाद रिजल्ट चेक किया गया, जिसमें मैं पास हो गया था, पास होने की खबर सबसे पहले मैंने अपनी मां को बताई, क्योंकि उस समय वह मेरे साथ घर पर मौजूद थीं। पास होने के बाद मुझे मेरे परिवार और अध्यापकों ने बहुत बधाई दी। पेपर पास करने के बाद सीएम भगवंत मान ने हमें सीएम हाउस बुलाया था। इसके बाद मैं और मेरी मां सीएम हाउस पहुंचे। वहां सीएम ने पेपर पास करने वाले विद्यार्थियों को बधाई दी और उनका उत्साह बढ़ाया। पेपर पास करने वाले विद्यार्थयिों को सीएम भगवंत मान ने ट्रॉफी और सर्टफिकेट देकर सम्मानित किया। मेरा मानना है कि अगर जीवन में सफल होना है तो ज्यादा से ज्यादा पढ़ाई करें और अपना लक्ष्य निर्धारित करें।
इस अवसर पर हरचंद दास की माता चरणजीत कौर ने कहा कि मेरे बेटे ने 2 जून को जेई एडवांस का पेपर पास किया है, जिससे पूरे परिवार में बेहद खुशी का माहौल है। मेरा बेटा 17 साल का है और वह भविष्य में इंजीनियर बनना चाहता है। गांव के सरकारी स्कूल में दसवीं करने के बाद उसने एक पेपर पास किया, जिसके तहत उसे मेरिटोरियस स्कूल पटियाला में दाखिला मिला। इस स्कूल में पढ़ाई के साथ-साथ कोचिंग क्लास भी दी जाती है और भारत सरकार के अवंती ऐप के जरिए पेपर की तैयारी करवाई जाती है। जिसके तहत मेरे बेटे ने जेई का पेपर पास किया।
मेरे पति खेतीबाड़ी करते हैं और इसके साथ-साथ वह सब्जियां भी लगाते थे। जिससे परिवार की आजीविका चलती है। हम महंगी कोचिंग नहीं लगा सकते हैं, लेकिन मेरे बेटे ने अवंती ऐप के जरिए पेपर पास किया है। हम पंजाब सरकार के बहुत आभारी हैं। परिवार में हम सास, ससुर, तीन बच्चे और पति-प}ी हैं और मैं घर पर सिलाई का काम करती हूं। पेपर पास करने के बाद हमें सीएम भगवंत मान ने सीएम हाउस बुलाया था और हमें सम्मानित किया। सीएम का यह फैसला बहुत ही सराहनीय है, जिससे बच्चों में काफी उत्साह है।
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