पंजाब डेस्क: चंडीगढ़ में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर अब प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। चंडीगढ़ प्रदूषण नियंत्रण समिति (CPCC) ने रेलवे, नगर निगम और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग सहित कई अहम संस्थानों को नोटिस जारी करते हुए वायु प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
इन विभागों को खास तौर पर निर्माण कार्यों और खुली जगहों से उड़ने वाली धूल को रोकने के लिए ठोस उपाय करने को कहा गया है। CPCC ने कहा है कि खुले क्षेत्रों में धूल उड़ने से प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है, जो न केवल पर्यावरण बल्कि लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा बनता जा रहा है।
-15 दिन की मोहलत, जवाब अनिवार्य
नोटिस में संबंधित विभागों को 15 दिनों के भीतर लिखित जवाब भेजने और अब तक उठाए गए कदमों का ब्यौरा देने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि समय पर जवाब नहीं मिला या अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई, तो आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
-रात में सड़कों की धुलाई और हरियाली बढ़ाने पर जोर
CPCC ने नगर निगम और इंजीनियरिंग विभाग को शहर की प्रमुख सड़कों की रात में नियमित रूप से धुलाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि सड़क की सतह पर जमी धूल हवा में न उड़ सके। इसके अतिरिक्त, खुले और बंजर क्षेत्रों में हरियाली विकसित करने को भी कहा गया है ताकि मिट्टी को स्थिर किया जा सके और धूल का स्तर कम हो।
-वायु अधिनियम के तहत कार्रवाई
यह कदम वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 की धारा 31-ए के तहत उठाया गया है, जो प्रदूषण फैलाने वाले स्रोतों पर नियंत्रण हेतु संबंधित अधिकारियों को नोटिस देने की शक्ति देता है।
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