नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पार्टी छोड़ने की अटकलों पर पहली बार खुलकर बात की है। उन्होंने गुरुवार को कहा कि कांग्रेस नेतृत्व से उनकी असहमति है, लेकिन पार्टी और इसके कार्यकर्ता उनके लिए हमेशा प्रिय रहे हैं।’
शशि थरूर ने कहा, “मेरे और कांग्रेस नेतृत्व के बीच कुछ असहमतियां हैं, जो सार्वजनिक रूप से भी सामने आई हैं। हालांकि, मैं मानता हूं कि इस बारे में पार्टी के अंदर ही चर्चा करना बेहतर है।” शशि थरूर ने यह भी बताया कि उन्हें नीलांबुर उपचुनाव के प्रचार के लिए कांग्रेस से कोई निमंत्रण नहीं मिला, इसलिए उन्होंने इस चुनाव में भाग नहीं लिया। शशि थरूर ने आगे कहा, “कांग्रेस पार्टी, इसके आदर्श और इसके कार्यकर्ता हमेशा मेरे लिए महत्वपूर्ण रहे हैं। मैं पिछले 16 वर्षों से पार्टी के साथ काम कर रहा हूं और मैंने देखा है कि हमारे कार्यकर्ता कितना समर्पित हैं।”
#WATCH | Thiruvananthapuram, Kerala | “I was not invited by the party (for Nilambur by-election campaign)… Yes, there may have been some differences between me and the leadership. Those can be sorted out in closed-door conversations… So far, no one has reached out to me,”… pic.twitter.com/ZvQeWZuQs6
— ANI (@ANI) June 19, 2025
जब उनसे पूछा गया कि उनकी असहमति कांग्रेस के उच्च नेतृत्व या राज्य नेतृत्व से है, तो उन्होंने इस सवाल का जवाब टालते हुए कहा कि वह इस समय इस मुद्दे पर चर्चा नहीं करना चाहते। थरूर ने कहा, “चुनावों में मतदान जारी है, और इस समय मैं अपने दोस्त (कांग्रेस उम्मीदवार) आर्यदान शौकत की जीत देखना चाहता हूं। मेरी असहमति के बारे में मीडिया में चर्चा हो चुकी है, लेकिन मैं अभी इसे आगे नहीं बढ़ाना चाहता।”
थरूर ने यह भी कहा कि नीलांबुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ईमानदारी से कड़ी मेहनत की है और उनके पास एक बेहतरीन उम्मीदवार है। उन्होंने कहा, “हमारे कार्यकर्ताओं ने पूरे इलाके में कड़ी मेहनत की है, और मैं उम्मीद करता हूं कि हमें अच्छे परिणाम मिलेंगे।” वहीं, कांग्रेस उम्मीदवार आर्यदान शौकत ने उम्मीद जताई कि चुनाव में जीत मिलेगी। शौकत ने कहा, “इस बार चुनाव में अच्छी जीत होगी क्योंकि राज्य सरकार ने पिछले नौ सालों में नीलांबुर क्षेत्र की अनदेखी की है।”