International Yoga Day 2025: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025 के अवसर पर भारत को उसकी सबसे छोटी और प्रेरणादायक योग प्रशिक्षिका 7 वर्षीय वान्या शर्मा पर गर्व है। वान्या ने इतनी कम उम्र में वह उपलब्धि हासिल की है, जिसे पाने के लिए वर्षों की साधना लगती है। भारत की इस नन्हीं योगिनी ने अब तक 14 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं। उन्हें “विश्व की सबसे कम उम्र की योगा ट्रेनर” के खिताब से भी नवाजा गया है। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
वान्या का योग दिवस संदेश
आपको बता दें कि “योग सिर्फ शरीर को मोड़ने की कला नहीं, बल्कि जीवन को सुंदर बनाने की साधना है।” इस योग दिवस पर बच्चों और युवाओं के नाम वान्या का खास संदेश है: “मैंने जब योग शुरू किया, तब मैं सिर्फ 2 साल की थी। तब मुझे नहीं पता था कि यह मेरी ज़िंदगी का सबसे प्यारा हिस्सा बन जाएगा। आज योग मेरे लिए खेल भी है, साधना भी, और खुशी का सबसे अच्छा तरीका भी। मैं चाहती हूं कि सभी बच्चे हर दिन थोड़ा-थोड़ा योग करें। इससे न सिर्फ शरीर मजबूत होता है, बल्कि मन भी शांत होता है।”
प्रमुख उपलब्धियाँ:
– एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज
– इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में विशेष मान्यता
– कई अंतरराष्ट्रीय योगा रिकॉर्ड्स में स्थान
– 15 से अधिक टीवी कार्यक्रमों में विशेष प्रस्तुति
– अनेक स्कूलों और संस्थानों में योग कार्यशालाएँ और डेमो
– दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष योग सत्रों का नेतृत्व
वान्या के योग गुरु हेमंत शर्मा बताते हैं: “वान्या बचपन से ही योग के प्रति अत्यधिक समर्पित रही है। उसकी लचीलापन, संतुलन और ध्यान की क्षमता अद्वितीय है। वह अन्य बच्चों के लिए एक प्रेरणा बन गई है।”
भारत की बेटी, दुनिया में योग का मान बढ़ा रही
आज वान्या शर्मा सिर्फ एक बच्ची नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत योग की युवा प्रतिनिधि बन गई हैं। वह देश-विदेश में योग को सम्मान और नई पहचान दिला रही हैं। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर वान्या का यह प्रेरणादायक सफर एक बार फिर यह साबित करता है कि योग सिर्फ एक अभ्यास नहीं, बल्कि एक जीवनशैली है जिसे जितनी जल्दी अपनाया जाए, उतना अच्छा।
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