Last Updated: October 2, 2026

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कभी एक-दूसरे के जिगरी यार थे ईरान और इजरायल, जानें क्यों बने कट्टर दुश्मन?

June 21, 2025

कभी एक-दूसरे के जिगरी यार थे ईरान और इजरायल, जानें क्यों बने कट्टर दुश्मन?

इंटरनेशनल डेस्क : ‘कोई स्थायी शत्रु नहीं होता, कोई स्थायी मित्र नहीं होता, केवल स्थायी हित होते हैं।’ यह कहावत बिल्कुल इजरायल और ईरान के ऊपर सटीक बैठती है। आपको बता दें कि फिलहाल दोनों देशों के बीच भीषण जंग चल रही है। एक जमाने में दोनों देश जिगरी दोस्त होते थे। आज दोनों एक-दूसरे के जानी दुश्मन बन बैठे हैं और लगातार घातक हथियारों से प्रहार कर रहे हैं।

कभी ईरान और इजरायल के कूटनीतिक, आर्थिक और खुफिया मामलों में अच्छे संबंध थे। अब सवाल ये उठता है कि आखिर दोनों दोस्त क्यों एक-दूसरे के जानी दुश्मन बन बैठे? विस्तार से इसके बारे में जानते हैं…

इस तरह बिगड़ने लगे संबंध

इजरायल ने 1948 में खुद को यहूदी राष्ट्र के तौर पर मान्यता दी थी। उस समय ईरान उन मुस्लिम देशों में शामिल था, जिसने इजरायल को चुपचाप मान्यता दे दी। उस समय ईरान की सत्ता शाह मोहम्मद रजा पहलवी के पास थी, जिनके इजरायल से घनिष्ठ संबंध थे।

ईरान इजरायल को तेल सप्लाई करता था, इजरायल बदले में तकनीकी तौर पर उसकी मदद करता था। शाह की सत्ता तक दोनों देशों में अच्छे संबंध बने रहे। इसके बाद ईरान में इस्लामिक क्रांति शुरू हो गई, जिसके बाद संबंध बिगड़ने लगे।

फिलिस्तीन से ईरान की नजदीकियां

इसके चलते ईरान की सत्ता से शाह को हटाकर अयातुल्ला खामेनेई काबिज हो गए। उनके शासन को कट्टर माना जाता है, जिन्होंने इजरायल को शैतान और इस्लाम का दुश्मन देश करार दिया।

यहां तक कि इजरायल के दूतावास को बंद करने के साथ ही पासपोर्ट को अस्वीकार कर दिया गया। अपने सभी रिश्ते उन्होंने इजरायल से तोड़ लिए। इसके बाद उनका झुकाव फिलिस्तीन की ओर हुआ। इसके चलते इजरायल ईरान को अपने लिए खतरा मानने लगा।

यही कारण है कि कभी एक-दूसरे के दोस्त रहे ईरान और इजरायल अब घातक हथियारों से हमले कर रहे हैं। 13 जून को इजरायली हमले के बाद ईरान ने मिसाइलों से पलटवार किया है।

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