चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर से रूस में फंसे लापता भारतीयों का पता लगाने में मदद करने का आग्रह किया है, जिन्हें कथित तौर पर रूस-यूक्रेन युद्ध में शामिल होने के लिए मजबूर किया गया है। उन्होंने कहा कि इनमें से कई लोगों ने अपनी जान भी गंवा दी है। उन्होंने कहा कि जब वे काम की तलाश में गए थे, तो उन्हें भाड़े के सैनिक बनने के लिए मजबूर किया गया। राजा वडिंग ने खुलासा किया कि पंजाब सहित देश के विभिन्न हिस्सों से लगभग 126 भारतीय नागरिकों को ट्रैवल एजेंटों ने रूस में वर्क परमिट का वादा करके ठगा था। उन्होंने कहा कि ट्रैवल एजेंटों को लाखों रुपए का भुगतान करने के बाद ये लोग युद्ध के मैदान में उतरे।
उन्होंने खुलासा किया कि ऐसे लगभग 12 भारतीय मारे गए हैं जबकि कई अन्य लापता हैं। वडिंग ने खुलासा किया कि पीड़ितों के कुछ रिश्तेदारों ने भारी धनराशि खर्च करके रूस की यात्रा की थी, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। पीसीसी अध्यक्ष ने कहा कि ये सभी लोग वहां नौकरी की तलाश में गए थे, न कि किसी दूसरे देश की लड़ाई लड़ने के लिए भाड़े के सैनिक बनने। उन्होंने कहा कि जिस तरह भारत सरकार युद्धग्रस्त ईरान और इजराइल से लोगों और छात्रों को निकालने में मदद कर रही है, उसी तरह उसे रूस में फंसे भारतीयों का पता लगाने और उन्हें वापस लाने के लिए भी प्रयास करना चाहिए। वड़िंग ने कहा कि भारत और रूस के बीच बहुत अच्छे मैत्रीपूर्ण संबंध हैं और उम्मीद जताई कि विदेश मंत्रालय रूस में अपने अच्छे कार्यालयों का उपयोग लापता भारतीयों का पता लगाने और उन्हें वापस लाने के लिए करेगा।
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