
Yamunotri Landslide : उत्तराखंड में यमुनोत्री मंदिर के पैदल मार्ग पर नौ कैंची भैरव मंदिर के पास भूस्खलन के कारण लापता हुए दो और तीर्थयात्रियों की तलाश के लिए मंगलवार सुबह राहत एवं बचाव अभियान फिर से शुरू हो गया। आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सोमवार शाम पहाड़ी से हुए भूस्खलन की चपेट में आए पांच तीर्थयात्रियों में से दो के क्षत-विक्षत शव रात में बरामद कर लिए गए। मुंबई के एक अन्य तीर्थयात्री को घायल अवस्था में बचा लिया गया।
दो और तीर्थयात्री अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश एवं बचाव अभियान राज्य आपदा प्रतिवादन बल, राष्ट्रीय आपदा प्रतिवादन बल और पुलिस की संयुक्त टीम चला रही है। अधिकारियों ने बताया कि हादसे में घायल हुए 60 वर्षीय रसिक भाई का जानकीचट्टी स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार किया जा रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान उत्तर प्रदेश के जैनपुर निवासी हरिशंकर (47) और उनकी नौ वर्षीय बेटी ख्याति के रूप में हुई है। लापता लोगों में कृष्णा विहार, नई दिल्ली निवासी भाविका शर्मा (11) और मुंबई निवासी कमलेश जेठवा (35) शामिल हैं। घायल रसिक ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ यमुनोत्री धाम से दर्शन कर लौट रहा था और रास्ते में अचानक पहाड़ी से मलबा और पत्थर गिरने लगे। उसने बताया कि इससे पहले कि वह कुछ समझ पाता, वह और उसका एक साथी पत्थरों और मलबे के साथ खाई में गिर गए। उसने बताया कि जब उसे होश आया तो उसने किसी तरह अपना हाथ मलबे से बाहर निकाला और मदद के लिए पुकारा।
यमुनोत्री मंदिर समिति के कोषाध्यक्ष प्रदीप उन्याल ने बताया कि वह कुछ देर पहले यहां से गुजरे थे और जैसे ही वह मंदिर की ओर करीब एक किलोमीटर आगे पहुंचे तो उन्हें भूस्खलन की जानकारी मिली। उन्होंने बताया कि इसके बाद वह मौके पर पहुंचे और पुलिस व प्रशासन को सूचना दी।
उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने अधिकारियों को मृतकों और घायलों के परिजनों को हर संभव मदद मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं। वह खुद भी स्थिति का जायजा लेने के लिए मौके पर पहुंचे हैं।