Last Updated: October 30, 2026

Dainik Savera Times Logo

Ashadha Amavasya tithi : आज है आषाढ़ अमावस्या… जानिए इस खास दिन पर क्या करें और क्या न करें

June 25, 2025

Ashadha Amavasya tithi : आज है आषाढ़ अमावस्या… जानिए इस खास दिन पर क्या करें और क्या न करें

Ashadha Amavasya tithi 2025: हिन्दू पंचांग में आषाढ़ अमावस्या का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। यह दिन पितरों को समर्पित होता है और इसे तर्पण, पिंडदान व श्राद्ध के लिए बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन विधिपूर्वक तर्पण और श्राद्ध करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है, जिससे जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।

कब है आषाढ़ अमावस्या 2025?

पंचांग के अनुसार, आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि 24 जून 2025 को सुबह 6 बजकर 59 मिनट से शुरू होकर 25 जून 2025 को दोपहर 4 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार 25 जून 2025, बुधवार को आषाढ़ अमावस्या मनाई जाएगी।

आषाढ़ अमावस्या पर क्या करें?

– इस दिन पवित्र नदी में स्नान करना विशेष पुण्यदायी माना जाता है। गंगा, यमुना या किसी अन्य तीर्थस्थल पर स्नान करना श्रेष्ठ होता है।

– पितरों के तर्पण और पिंडदान का विशेष महत्व है। इससे पितृ दोष कम होता है और पितृ कृपा प्राप्त होती है।

– पीपल के वृक्ष की पूजा-अर्चना करें, दीपक जलाएं और जल अर्पित करें।

– अपनी क्षमता अनुसार गरीबों व जरूरतमंदों को दान करें खासकर अन्न, वस्त्र, काला तिल, और दक्षिणा का दान शुभ माना जाता है।

– सात्विक आहार लें और तामसिक भोजन जैसे मांस, मदिरा, लहसुन-प्याज से परहेज़ करें।

इन बातों का रखें विशेष ध्यान

इस दिन मांगलिक कार्य न करें, जैसे विवाह, गृह प्रवेश या नामकरण संस्कार आदि।
झगड़ा, विवाद और नकारात्मक विचारों से बचें।
अपने पूर्वजों को श्रद्धापूर्वक याद करें और उनके लिए प्रार्थना करें।

आषाढ़ अमावस्या पर करें ये मंत्र जाप

1. ॐ पितृ देवतायै नम:।
2. ॐ आगच्छन्तु में पितर एवं ग्रहन्तु जलान्जलिम।
3. ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय च धीमहि तन्नो रुद्र: प्रचोदयात।
4. ॐ पितृगणाय विद्महे जगत धारिणी धीमहि तन्नो पितृो प्रचोदयात्।
5. ॐ देवताभ्य: पितृभ्यश्च महायोगिभ्य एव च नम: स्वाहायै स्वधायै नित्यमेव नमो नम:।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें