
इंटरनेशनल डेस्क : चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने 25 जून को पेइचिंग में यूरोपीय संघ और उसके सदस्य देशों के राजदूतों से भेंट की। वांग यी ने कहा कि इस साल चीन और ईयू के राजनयिक सम्बंध की स्थापना की 50वीं वर्षगांठ है। वर्तमान विश्व की दो बड़ी रचनात्मक शक्तियों के नाते चीन और ईयू में परिवर्तन और गड़बड़ी से भरी विश्व के लिए मूल्यवान स्थिरता और निश्चितता प्रदान करने की जिम्मेदारी और क्षमता है। दोनों पक्षों को चीन-ईयू सर्वांगीण रणनीतिक साझेदारी को नयी मंजिल पर ले जाना चाहिए।
वांग यी ने चीन-ईयू सम्बंधों के भावी विकास पर तीन सुझाव पेश किये। पहला, पारस्परिक सम्मान पर कायम रहना, खासकर एक दूसरे के केंद्रीय हितों व चिंता का ख्याल रखना चाहिए। उम्मीद है कि ईयू एक चीन सिद्धांत का डटकर पालन कर किसी तरह की कथित थाईवानी स्वतंत्रता का विरोध करेगा। दूसरा, साझेदारी पर कायम रहना है। चीन और ईयू प्रतिद्वंदी व दुश्मन के बजाय साझेदार हैं। उम्मीद है कि ईयू चीन के साथ आगे बढ़ेगा और सहयोग को द्विपक्षीय सम्बंधों की मुख्य धारा बनाएगा। तीसरा, बहुपक्षवाद पर कायम रहना चाहिए।
चीन स्थित ईयू और उसके सदस्य देशों के राजदूतों ने बताया कि चीन हमेशा ईयू का महत्वपूर्ण सहयोग साथी है। ईयू चीन के साथ रचनात्मक और स्थिर सम्बंध विकसित करने को तैयार है।
(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)
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